भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो देशभर के किसान 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालेंगे। टिकैत ने ये भी कहा कि हमारा नारा है, ”कानून वापसी नहीं, तो घर वापसी नहीं।” उन्होंने आगे बताया कि यह आंदोलन जल्द समाप्त नहीं होगा।

किसान नेता राकेश टिकैत ने मंगलवार को कहा, ”हमने सरकार को बता दिया कि यह आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा। अक्टूबर के बाद आगे की तारीख देंगे। बातचीत भी चलती रहेगी। नौजवानों को बहकाया गया है और उनको लाल किले का रास्ता बताया गया कि पंजाब की कौम बदनाम हो। किसान कौम को बदनाम करने की कोशिश की गई है।”

किसान नेता टिकैत ने कहा कि हमने सरकार को ये सूचित कर दिया है कि किसान आंदोलन अक्टूबर महीने तक जारी रहेगा। अक्टूबर के बाद आगे की तारीख देखी जाएगी। साथ ही बातचीत भी चलती रहेगी। यही नहीं उन्होंने ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा को लेकर कहा कि नौजवानों को बहकाया गया, उनको लाल किले का रास्ता बताया गया कि पंजाब की कौम बदनाम हो। ये किसान कौम को बदनाम करने की कोशिश की गई है।

दूसरी और सरकार ने भी किसानों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां कर ली है। आंदोलन वाली सीमा पर लोहे और कंक्रीट ढांचे से बैरीकेड लगा दिए गए और बाड़बंदी कर दी गई। इसके अलावा सड़कों पर कीलें लगा दी गई ताकि कोई प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर नहीं बढ़ सके।

विरोध स्थल पर इंटरनेट सेवा भी निलंबित है। इंटरनेट पर रोक से किसानों की परेशानी में और इजाफा हुआ है। वे बाहरी दुनिया से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं। पंजाब के अमृतसर के पलविंदर सिंह ने कहा, ‘ सरकार ने इंटनेट प्रतिबंधित कर दिया और कंक्रीट के डिवाइडर से सडक़ों को बंद कर दिया ताकि लोगों को प्रदर्शन के बारे में जानकारी न मिले और वे यहां न आएं।’