Thursday, September 23, 2021

 

 

 

तीन तलाक बिल पेश हुए बगैर राज्य सभा स्थगित, विपक्ष की मांग – सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए

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नई दिल्ली. राज्यसभा में हंगामा की वजह से तीन तलाक से जुड़ा नया विधेयक सोमवार को सदन में पेश नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही 2 जनवरी तक स्थगित कर दी गई। इस दौरान कांग्रेस ने संयुक्त प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि इससे बहुत सारे लोगों का जीवन प्रभावित होगा।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वे (भाजपा‌) हमारे घरों में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। इससे हमारी जिदंगी और परिवार अस्तव्यस्त हो जाएगा। इससे महिलाएं और पुरुषों को लिए आर्थिक रूप से ज्यादा परेशानी होगी। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पहले ही अपना रुख साफ कर चुकी है। उधर, बीजेडी सांसद पी आचार्य ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ हैं। इस बिल को सदन में पास होना चाहिए। हालांकि, कुछ हिस्से को हटाया जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि अधिकतर विपक्षी दल के सदस्य जब इस विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजना चाहते हैं तो इसे सरकार प्रवर समिति के पास क्यों नहीं भेज रही है। डेरेक ने उप सभापति हरिवंश से कहा कि इस विधेयक पर चर्चा कराने से पहले सदन में सामान्य स्थिति बहाल की जानी चाहिए।

हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह एक ऐसा विधेयक है जो बहुत से लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि इस लिए जरूरी है कि इस विधेयक को संयुक्त प्रवर समिति में भेजकर इस पर विस्तार से चर्चा करे। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह संसदीय परंपराओं की अनदेखी कर अधिकतर विधेयकों को स्थायी या प्रवर समिति में भेजे बिना इन्हें सीधे संसद में पारित करवाना चाहती है।

आजाद ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के विवाह से जुड़ा एक अति महत्वपूर्ण विधेयक है और इसे प्रवर समिति में भेज कर इस पर चर्चा करवाया जाना आवश्यक है। इसके बाद संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अति महत्वपूर्ण विधेयक है तथा कांग्रेस इस विधेयक को जान बूझकर अटकाना चाहती है। इसीलिए वह इसे प्रवर समिति में भेजने की मांग कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हो गया कि जब लोकसभा में कांग्रेस ने इस विधेयक का समर्थन किया था तो वह अब इसको पारित नहीं करवाने दे रही है। उन्होंने विपक्ष पर इस विधेयक पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

इस मुद्दे पर सदन में कोई सहमति बनने न देख उपसभापति ने दोपहर दो बजकर करीब दस मिनट पर बैठक को पन्द्रह मिनट के लिए स्थगित कर दिय लेकिन बाद में राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया और अब 2 जनवरी को फिर कार्यवाही शुरू होगी।

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