राजसमंद में मुस्लिम बुजुर्ग मोहम्मद अफराजुल की हत्या के बाद वसुंधरा सरकार अब उस इंसाफ देने में भी भेदभाव कर रही है. अफराजुल की पत्नी गुलबहार ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से मुकदमे को मालदा ट्रांसफर किये जाने की दरखास्त की है.

अपनी याचिका में गुलबहार बीबी ने राजस्थान पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. इस सबंध में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब देने को कहा है. साथ ही इस मामले की सुनवाई अप्रैल तक स्थगित कर दी. इसके अलावा गुलबहार बीबी ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने के लिए याचिका दी है.

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इसी बीच जोधपुर की जेल में बंद हत्या के आरोपी रेगर ने हाल ही में एक वीडियो अपलोड कर कहा कि ‘पश्चिम बंगाल का एक अपराधी जेल में मेरी सेल में आया है… जो पहले बात नहीं करता था लेकिन अब वो मुझसे बात करने की कोशिश कर रहा है. वो मुझे मारने आया है …  जेहादियों की ताकत देखिये कि वो सुरक्षित जेल में भी मेरे पास आ गए हैं. लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं.’

वीडियो के सामने आने के साथ ही अब ये सवाल उठ रहा है कि आखिर इस कड़ी सुरक्षा वाली जेल में एक स्मार्टफोन कैसे पहुँच गया. जिससे न केवल शंभूलाल रैगर वीडियो बना रहा है बल्कि उसे जेल से ही सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर रहा है. जब इस वीडियो को लेकर राजस्थान के गृह मंत्री से बात की तो उन्होंने कहा कि पूरा तथ्य सामने आने के बाद वो इस मामले को देखेंगे. इस मामले में आब कोई कुछ भी कहने से बच रहा है.

ध्यान रहे रैगर ने पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी मुस्लिम मजदूर मोहम्मद अफराजुल को अपनी कथित बहन को लेकर ‘लव जेहाद’ का बदला लेने के नाम पर हत्या कर उसे जला दिया था. साथ ही इस पूरी घटना का विडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला था.

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