देश भर में कथित गौरक्षा और बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर जारी मॉब लिंचिंग की घटनाओं से मोदी सरकार पल्ला झाड़ती हुई नजर आ रही है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सदन में कहा कि भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा रोकने की जिम्मेदारी राज्यों की है।

राजनाथ सिंह ने मोब लिंचिंग का सारा दोष सोशल मीडिया पर मढ़ते हुए कहा कि इसके लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए सोशल मीडिया पर आने वाली फेक न्यूज जिम्मेदार हैं और उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं होती रहती थीं।

उन्होने कहा, कहा, ‘यह सच है कि देश के कई भागों में लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं, लेकिन लिंचिंग की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। जो घटनाएं हुई हैं, उनकी मैं निंदा करता हूं। जहां भी लिंचिंग की घटनाएं होती हैं, मैं उस राज्य के मुख्यमंत्री से बात करता हूं।’

राजनाथ सिंह के बयान को असंतुष्ट बताते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘मॉब लिंचिंग पर गृहमंत्री का बयान बिलकुल भी संतोषजनक नहीं था। इसी वजह से हमने सदन से वॉकआउट कर लिया। यह कोई खेल नहीं है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें अपनी जिम्मेदारियां एक-दूसरे पर डाल रही हैं।’

वहीं वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘गृह मंत्री ने आज लोकसभा में कहा कि कानून-व्यवस्था राज्यों का विषय है। उनको पता होना चाहिए कि लिंचिंग की ज्यादातर घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में हो रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जवाबदेही बनती है। उनको जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से दुनिया भर में देश की बदनामी हो रही है।

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