जयपुर | एक तरफ केंद्र सरकार पुरे देश में एक टैक्स सिस्टम शुरू करने की और कदम बढ़ा रही है उधर राजस्थान सरकार लोगो पर अजीबो गरीब टैक्स थोप रही है. अब राजस्थान के लोगो को करीब 350 ट्रांसेक्सन पर गाय संरक्षण के लिए 10 फीसदी टैक्स चुकाना होगा. इससे पहले राजस्थान सरकार गाय के उत्थान और संरक्षण के लिए ‘काऊ मंत्रालय’ का भी गठन कर चुकी है.

गुरुवार को राज्यसभा में जीएसटी बिल पास हो गया. राज्यसभा में पास होने के 1 जुलाई से पुरे देश में जीएसटी लागु होने की सम्भावना बढ़ गयी है. जीएसटी के बाद पुरे देश में एक टैक्स सिस्टम लागू हो जायेगा. केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र सरकार के करीब 17 टैक्स को इसमें सम्माहित किया है. लेकिन अभी इस बात की जानकारी नही मिली है की जीएसटी में राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किये गए गाय टैक्स को भी शामिल किया गया है या नही.

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दरअसल राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने इस वित्त वर्ष से करीब 350 ट्रांसेक्सन पर 10 फीसदी काऊ टैक्स लगाने का फैसला किया है. अब संपत्ति की खरीद , बिक्री, ट्रान्सफर, लीज अग्रीमेंट और मकान किराये पर यह टैक्स चुकाना होगा. सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया की जिन कार्यो में स्टाम्प ड्यूटी चुकानी पड़ती है वहां पर यह टैक्स देना होगा.

हालाँकि वसुंधरा सरकार पिछले वित्त वर्ष से यह टैक्स वसूल रही है लेकिन तब यह केवल 12 ट्रांसेक्सन पर ही लागू किया गया था. जिसको बढाकर 350 कर दिया गया. सरकार का तर्क है की गाय के संरक्षण और उत्थान के लिए यह सर्चाज लगाया जा रहा है. जो सरकार की प्राथमिकता में शामिल है.

हालाँकि सरकार जनता से इस तरह के टैक्स जरुर वसूल रही लेकिन इसमें से कितना पैसा गाय संरक्षण पर खर्च हो रहा है यह चर्चा का विषय है. पिछले साल जयपुर की हिंगोनिया गौशाला में सही तरह से रखरखाव नही होने की वजह से हजारो गाय मर गयी थी. इसलिए यह सवाल उठाना लाजिमी है.

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