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नई दिल्ली। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी के बयान को उचित ठहराते हुए तंज़ीम उलामा ए इस्लाम के संस्थापक अध्यक्ष ने इसे सही बताया है। आपको बता दें कि पिछले सप्ताह कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी ने लंदन में एक चर्चा के दौरान कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रकृति मुस्लिम ब्रदरहुड की तरह है। इसके बाद भारत में मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थकों और आरएसएस के समर्थक भड़क गए थे।

तंज़ीम के अध्यक्ष मुफ़्ती अशफ़ाक़ हुसैन क़ादरी ने कहाकि आरएसएस की प्रकृति बिल्कुल मुस्लिम ब्रदरहुड की तरह है। उन्होंने कहाकि मुस्लिम ब्रदरहुड एक बदनाम संस्था है जो अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्लाम का नाम लेती है लेकिन मुसलमानों के बीच सिर्फ़ उन्हीं को ठीक मानती है जो सलफी विचारधारा के हैं। मुफ्ती ने कहाकि लोकतंत्र का नाटक करने वाली मुस्लिम ब्रदरहुड घोर नस्लवादी है और वह वहाबी विचारधारा के अनुकूल खिलाफत का सपना दिखाकर भोले मुसलमानों के साथ खिलवाड़ करती आई है। यही स्थिति आरएसएस की है जो अपने राजनीतिक लाभ के लिए भारत की भोली जनता से झूठ बोलती है जबकि घोर सवर्णवादी ब्राह्मणवादी समूह है। मुफ्ती ने कांग्रेस के अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहाकि उन्होंने दो परस्पर कट्टर विचारधारा के संगठनों की तुलना की है जो सही है।

मुफ्ती अशफाक़ हुसैन क़ादरी ने कहाकि मुस्लिम ब्रदरहुड ने एक साल के मिस्र के कार्यकाल के दौरान कई राजनीतिक विरोधियों को कुचला है और वह मिस्र समेत अरब और अफ्रीका में मानवाधिकार उल्लंघन में संलिप्त रही है। मुफ्ती ने कहाकि मुस्लिम ब्रदरहुड अपनी स्थापना 1928 से ही सलफी विचारधारा की रही है और अपने विरोधियों से हिंसा से निपटने में उसका विश्वास है।

मुफ्ती ने कहाकि साल 1982 में मुस्लिम ब्रदरहुड ने अपने डॉक्यूमेंट ‘द प्रोजेक्ट’ में सलफी विवादास्पद मौलाना यूसुफ अलकरदावी ने स्पष्ट किया है कि वह मौके के हिसाब से रंग बदलने में विश्वास रखते हैं। इस डॉक्यूमेंट में मुस्लिम ब्रदरहुड ने यूरोप में कदम जमाने के लिए उदारता का रंग चढ़ाया जबकि मिस्र, सीरिया और इराक में हिंसा का सहारा लिया। मुफ्ती अशफाक़ हुसैन कादरी ने याद दिलाया कि भारत में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया अपने स्वरूप के लिए जाना जाता है जिसके वीडियो को इंडिया टुडे ने एक स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिये जारी किया था।

उन्होंने याद दिलाया कि तब उन्होंने भारत सरकार से मांग की थी कि भारत में मुस्लिम ब्रदरहुड पॉपुलर फ्रंट के रूप में मौजूद है और वह भारतीय लोकतंत्र के लिए वैसे ही खतरा है जैसे आरएसएस है। मुफ्ती अशफ़ाक़ हुसैन क़ादरी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष को बधाई पत्र भी लिखा है जिसमें उन्हें इसी प्रकार कट्टरवादी वहाबी और नस्लीय ब्राह्मणवादी ताक़तों के विरुद्ध एकजुट खड़े रहने के अपील की गई है। उन्होंने अपने पत्र में कहाकि वह अपने संगठन के 10 लाख समर्थकों के साथ राहुल गाँधी के इस राजनीतिक स्टैंड पर सहमत हैं।

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