बढ़ते इस्लामोफोबिया पर सख्त कदम उठाए भारत सरकार: दिलशाद नूर 

7:14 pm Published by:-Hindi News

भवानीमंडी: बीते शुक्रवार को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमले में शहीदों के लिए आज बाद नमाज ए जुमा जामा मस्जिद में कुरानखानी का एहतमाम किया गया। इस दौरान शहीद हुए लोगों के लिए दुआ ए मगफिरत की गई और ईसाले सवाब किया गया।

बता दें कि क्राइस्टचर्च में अल नूर समेत दो मस्जिदों पर जुम्मे की नमाज के दौरान एक गौरे आतंकी ने हमला किया था। जिसमे 50 के करीब लोगों की मौत हुई थी और इतने ही लोग घायल हुए थे। मरने वालों में पांच भारतीय भी शामिल है। हमलावर ऑस्ट्रेलिया का नागरिक था। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस्लामोफोबिया पर लगाए भारत सरकार लगाम 

इस मौके पर मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MSO) के जिला अध्यक्ष दिलशाद नूर ने देश में बढ़ रहे इस्लामोफोबिया के खिलाफ चिंता प्रकट की और भारत सरकार से इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होने कहा कि देश में कई संगठनों द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से नफरत को बढ़ावा दिया जा रहा है। नफरत को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। इतना ही नहीं अब तो बड़े-बड़े मीडिया हाउस भी एक अजेंडे के तहत इस्लामोफोबिया को बढ़ावा दे रहे है।

उन्होने कहा कि भारत सांझी गंगा-जमुनी तहजीब वाला देश है। जहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन बीते दिनों हुई लिंचिग की घटनाओं ने गंगा-जमुनी तहजीब वाले इस देश को सवालों के कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया। आज पूरी दुनिया इस्लामोफोबिया के खिलाफ एकजुट है। जिस तरह से हमले के बाद न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री  जैसिंडा आर्डेन  ने भूमिका पेश की है। वह न केवल काबिल ए तारीफ बल्कि भारत के राजनीतिक नेतृत्व के लिए भी एक सबक है।

इस मौके पर शहर काजी अब्दुल वहाब, पेश इमाम वसीम रज़ा कादरी, अंजुमन सदर नन्हा भाई, फख़रुद्दीन ठेकेदार, शोहराब गोरी, आरिफ़ भाई अब्बासी, राजिक अंसारी आदि मौजूद रहे।

खानदानी सलीक़ेदार परिवार में शादी करने के इच्छुक हैं तो पहले फ़ोटो देखें फिर अपनी पसंद के लड़के/लड़की को रिश्ता भेजें (उर्दू मॅट्रिमोनी - फ्री ) क्लिक करें