Thursday, August 5, 2021

 

 

 

14 दिन का क्वारंटाइन पीरियड लेकिन जमातियों को 48 दिन बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा: DMC

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दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (Delhi minority commission) के चेयरमैन जफरूल इस्लाम खान ने कोरोना संकट के बीच जमातियों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जमातियों को क्वारंटाइन के नाम पर कैद करके रखा हुआ है। उन्हे क्वारंटाइन का समय पूरा करने के बाद भी नहीं छोड़ा जा रहा है।

News18 के अनुसार, जफरूल इस्लाम ने कहा कि वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक 14 दिन का क्वारंटाइन पीरियड होता है। लेकिन जमातियों को 48 दिन से भी ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा है। अपराधियों की तरह से उन्हें कैद करके रखा जा रहा है।

खान ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार कोरोना वायरस से स्वस्थ हुए जमातियो का प्लास्मा इस्तेमाल कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हें कैदियों से भी बदतर हालत में रखा जा रहा है। उनके साथ छुआ-छूत वाला व्यहवार किया जा रहा है. ना उन्हें वक़्त पर दवाई मिल रही है और ना खाना। ना ही डॉक्टर इलाज के लिए आते हैं। अगर कोई बाहर से जमातियों को ज़रूरी सामान देना चाहता है या मदद करना चाहता है तो उसकी भी इजाज़त नहीं है।

उनका आरोप है कि हज़ारों जमातियों को बंदी बना लिया गया है। नंदनगरी में 2 हज़ार लोगों को फ्लैटों के अंदर खतरनाक अपराधियों की तरह रखा जा रहा है। इन लोगों को वहां 48 दिन से रखा गया है। इन्हें क्यों रखा जा रहा है और क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।

चेयरमैन जफरूल इस्लाम खान का कहना है कि आयोग ने इससे पहले कई इलाके के एसडीएम को क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात के लोगों की बुरी हालात से आगाह किया था। लेकिन आयोग के नोटिसों का कोई असर नहीं हुआ। जब अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो आयोग के चेयरमैन ने फेसबुक पर लिखना शुरू किया।

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