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ईद मीलादुन्नबी (सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम) के अवसर पर जुलूस-ए-मुहम्मदी में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के मंच से मुस्लिम समाज को दिया गया शिक्षा का पैग़ाम।

बरेली: पैगम्बर हज़रत मुहम्मद सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम के जन्मदिवस के अवसर पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व गौरवशाली परंपरा के अनुरूप भाईचारा और प्रेम के साथ उल्लासमय वातावरण में मनाया गया। पुराना शहर इलाक़े में निकलने वाले जुलूस-ए-मुहम्मदी में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के मंच से उलामा और यूनिवर्सिटी विद्वानों ने मुस्लिम समाज को शिक्षा का पैग़ाम दिया साथ ही साथ शिक्षा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट अंको से उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। मंच से उन अंजुमनों को भी सम्मानित किया गया जिन्होने जुलूस के दौरान डी जे और शोर शराबे वाले उपकरणों का बायकाट किया और ईद मिलादुन्नबी के पर्व को गौरवशाली इस्लामी तरीक़े से मनाया। कंज़ुल फाउंडेशन के मंच से शिक्षा को बढ़ावा देने और मुस्लिम समाज को शिक्षा की ओर जागरूक करने के इरादे से पुस्तकों का वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर कंज़ुल फाउंडेशन ने इमाम अहमद राजा अकादमी द्वारा प्रकाशित आलाहज़रत की लिखी पुस्तक अल कौलन अन्नाजी का विमोचन किया और साथ ही साथ इस पुस्तक को खोज कर इसको प्रकाशित करने पर इमाम अहमद राजा अकादमी के डाइरेक्टर मुफ़्ती हनीफ खान रज़वी साहब को सम्मानित भी किया। इसी के साथ ईद मीलादुन्नबी के महत्व पर श्री अशीर तहसीनी द्वारा लिखी गयी पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

इस अवसर पर कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के मंच से लेक्चरर यासिर रज़ा क़ादरी ने अपनी तक़रीर में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम द्वारा दिए गए उपदेशो को विस्तार से समझाया और इन उपदेशो की रौशनी में इल्म और शिक्षा के महत्व पर रौशनी डाली। तक़रीर के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा और समाज कलयाण के लिए आलाहज़रत द्वारा दिए गए 10 उपदेशो को भी विस्तार से समझाया। साथ ही साथ श्री यासिर ने फाउंडेशन के उद्देश्यों पर रौशनी डालते हुए कहा की कंज़ुल ईमान फाउंडेशन देश के शिक्षित सुन्नी बरेलवी युवाओं का एक नॉन प्रॉफिट नॉन पॉलिटिकल संगठन है जो शिक्षा और समाज सेवा के छेत्र में सुन्नी बरेलवी मुस्लिम युवाओ की नुमाइंदगी करता है और अल्पसंख्यक तबक़े से ताल्लुक़ रखने वाले युवा मुसलमानो को शिक्षा के छेत्र में हर संभव सहायता प्रदान करता है। वर्तमान में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन की देश के विभिन्न शहरों में 13 शाखाएं हैं जो शिक्षा के छेत्र में अग्रसर हैं। कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के द्वारा मुफ़्त क़ुरान वितरण, कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर्स, मुफ्त कोचिंग, पुस्तकों का प्रकाशन, ऑनलाइन फतावा, कंज़ुल ईमान जॉब्स पोर्टल, रिसर्च, स्कालरशिप, आदि सुविधायें प्रदान की जाती हैं। कंज़ुल ईमान के कार्यो की जानकारी फाउन्डेशन की वेबसाइट kanzuliman.org से ली जा सकती।

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कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के अध्यक्ष इंजीनियर श्री आमिर हुसैन तहसीनी ने अपने उद्बोधन में मानवता, देशप्रेम, साम्प्रदायिक सद्भावना को लेकर विचार व्यक्त किए जिसको मंच पर मौजूद फाउंडेशन के ऑफिस सेक्रेटरी श्री रिज़वान मंसूरी ने पढ़ कर सुनाया। वक्ताओं ने इंसानियत, प्रेम की सीख देते हुए शिक्षा को आत्मसात करने पर भी जोर दिया। मंच पर उपस्थित कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के मीडिया प्रवक्ता श्री इमरान खान ने कहा के शिक्षा के लिए कितनी भी कठिनाईयां झेलनी पड़े, उसे स्वीकार कर शिक्षित होने का आह्वान मुस्लिम समाज को करना ही होगा। कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी व युवा कोऑर्डिनेटर श्री फैमी तहसीनी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जो शिक्षित नहीं है, वह न तो खुद का और न ही अपनी आने वाली पीड़ी का भविष्य उज्जवल बना सकता है। जुलूस में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के वाईस प्रेसिडेंट व रिसर्च डिवीज़न के हेड लेक्चरर यासिर रज़ा क़ादरी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इसी के साथ साथ मंच पर रिज़वान मंसूरी, आफताब अहमद, तस्लीम तहसीनी, डॉक्टर आक़िब रज़ा, आबिद तहसीनी आदि लोग बड़ी तादाद में मौजूद रहे।

इस अवसर पर हज़रत तहसीन रज़ा खान मुहद्दिस बरेलवी रहमतुल्लाह अलैह के पुत्र व ख़ानक़ाह तहसीनिया के सज्जादा नशीन हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

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