देश की सर्वोच्च अदालत ने 2002 में गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हमले के मामले से बरी हुए दो लोगों की मुआवाजें की याचिका को खारिज कर दिया हैं. इन लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बरी कर दिया था.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अदालत मुआवजे का आदेश नहीं दे सकती। याचिकाकर्ता को इसके लिए निचली अदालत में पुलिस के खिलाफ केस दायर करना होगा.

अक्षरधाम मंदिर पर हमलें के आरोप में आजम भाई,  सुलेमान भाई अजमेरी और अब्दुल कय्यूम को सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बरी कर दिया था. इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में सालों तक जेल में रहने और परेशानी उठाने के बदलें मुआवाजें की मांग की थी.

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano