SC ने रामलला के वकील से कहा – साबित कीजिए मंदिर तोड़कर बनाई मस्जिद

1:06 pm Published by:-Hindi News

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद केस में सुनवाई के दौरान रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि मस्जिद का निर्माण किसी खाली या खेतीहर जमीन पर नहीं किया गया था, बल्कि ईसा पूर्व दूसरी सदी में बने मंदिर के ढांचे पर इसे बनाया गया था। तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि मस्जिद के भीतर पूजा होती थी।

रामलला के वकील ने अयोध्या में मिला एक नक्शा भी कोर्ट में पेश किया, जिसमें स्तंभों के चित्रों का जिक्र था। साथ ही विवादित जगह के दौरे के बारे में भी जानकारी दी गई थी। कोर्ट में एक एलबम भी पेश किया गया, जिसमें देवी-देवताओं की तस्वीरें थीं। मस्जिद में इस तरह की तस्वीरें नहीं मिलीं।  वैद्यनाथन के मुताबिक- स्थल का हिंदुओं के लिए धार्मिक रूप से महत्व था।

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने यह साबित करने को कहा कि आखिर इसके क्या सबूत हैं कि राम मंदिर के अवशेष पर मस्जिद का निर्माण किया गया? जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सदियों से हम देखते आ रहे हैं नदी किनारे सभ्यता बसती है और उजड़ती है। पुराने अवशेषों पर नए ढांचे खड़े किए जाते हैं।

babri masjid

वेदांती बोले – शिफ्ट नहीं हो सकता जन्मस्थान, मंदिर ही बनेगा

राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व फायर ब्रैंड संत डॉ. राम विलास वेदाती ने शुक्रवार को कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहां उनकी जन्मभूमि के अलावा कुछ हो ही नहीं सकता।

वेदांती ने कहा, ‘नमाज अदा करने के लिए मस्जिद का होना जरूरी नही होता। इसे तो हवाई जहाज से लेकर सड़कों पर, तक अदा किया जाता है।’ उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर एएसआई ने राम जन्मभूमि स्थल के नीचे खुदाई करवाई तो मंदिरों व देवी देवताओं की मूर्तियों अवशेष व चिह्न मिले हैं। मंदिर के साक्ष्यों के आधार पर ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस स्थल को मंदिर माना।

ऐसे में कोर्ट में जो दलीलें व साक्ष्य रामलला विराजमान के वकील पेश कर रहे हैं, उसके आधार पर संतों को पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आएगा।

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