नए कृषि क़ानूनों का किसानों का विरोध पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान पंजाब के हजारों किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर रोका जाना जारी रहा। इसी बीच किसानो ने सोमवार को गुरु नानक की 551 वीं जयंती मनाई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी ‘प्रसाद’ बांटा।

टिकरी में दिल्ली-हरियाणा सीमा पर सिख किसानों को गुरु नानक जयंती पर भोजन और प्रसाद तैयार करते हुए देखा गया था, जिसे उन्होंने आपस में बांटा। जबकि सुरक्षाकर्मी सीमा पर पहरा दे रहे थे। इस बीच, पंजाब और अन्य क्षेत्रों के हजारों किसानों के नेतृत्व में दिल्ली चलो विरोध मार्च पांचवे दिन में प्रवेश कर गया।

अब प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में प्रवेश के पांचों रास्तों के घेराव की धमकी दी है। आंदोलनकारी किसानों ने बरारी मैदान में एक बार फिर वार्ता आयोजित करने के केंद्र के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। किसानों ने कहा कि वे किसी भी सशर्त बातचीत को स्वीकार नहीं करेंगे और बाद में दिन में अपनी अगली कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई है।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से बुरारी मैदान में जाने की अपील की थी और कहा था कि केंद्र निर्धारित स्थान पर जाने के साथ ही उनके साथ चर्चा करने के लिए तैयार है।

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