पंजाब से लेकर हरियाणा तक किसान कृषि बिलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे है। किसानों ने राजधानी दिल्ली की और कूच कर दिया। किसानों को रोकने के लिए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर पुलिस व सुरक्षा बलों की तैनाती व बैरिकेड आदि लगाकर सख्त इंतजाम भी किए गए।

अंबाला बॉर्डर पर किसान और पुलिस आमने-सामने आए। जहां लाठीचार्ज, पानी की बौछार, आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया तो वहीं किसानों ने भी पथराव किया। प्रदर्शन के कारण दिल्ली बॉर्डर पर भारी जाम लग गया है और लोगों को पैदल चलना पड़ रहा है।

दूसरी तरफ गुरुग्राम में योगेंद्र यादव ने किसान मोर्चा को दिल्ली कूच के लिए बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचे सभी लोगों को हिरासत में ले लिया गया। हरियाणा में धारा 144 लागू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।

इसी बीच SAD प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा, “आज पंजाब का 26/11 है. हम लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का अंत देख रहे हैं। अकाली दल शांतिपूर्ण किसान आंदोलन का दमन करने के लिए हरियाणा और केंद्र सरकार की निंदा करता है। वाटर कैनन का इस्तेमाल कर पंजाब के किसानों के अधिकारों की लड़ाई को नहीं रौंदा जा सकता है।”

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करके कहा है कि एमएसपी को लेकर किसी तरह की परेशानी किसानों को झेलनी पड़ेगी तो वह राजनीति छोड़ देंगे। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा में पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर किसानों पर हुए एक्शन की निंदा की और लिखा कि नहीं हुआ है अभी सवेरा, पूरब की लाली पहचान चिड़ियों के जगने से पहले, खाट छोड़ उठ गया किसान काले क़ानूनों के बादल गरज रहे गड़-गड़, अन्याय की बिजली चमकती चम-चम मूसलाधार बरसता पानी, ज़रा ना रुकता लेता दम! मोदी सरकार की क्रूरता के ख़िलाफ़ देश का किसान डटकर खड़ा है।

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