जम्मू में देखने को मिला पीएम मोदी का विरोध, लगे ‘चौकीदार चोर है’ और ‘मोदी गो बैक’ के नारे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अखनूर (जम्मू) दौरे का गुरुवार को विरोध देखने को मिला। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने डुम्मी में बाइपास रोड पर रैली स्थल के समीप ‘चौकीदार चोर है’, ‘गो बैक मोदी’ के नारे लिखकर प्रदर्शन किया।

एमएएम कालेज जम्मू के गेट के बाहर एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि मोदी ने युवाओं को ढाई करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया गया। उन्होंने देश के 15 अमीर लोगों की चौकीदारी की। ऐसे लोगों का ऋण माफ किया गया। जबकि विद्यार्थियों का ऋण माफ नहीं किया गया। एसआरओ 202 पर भाजपा खामोश रही।

संगठन के राष्ट्रीय सचिव व जम्मू-कश्मीर के प्रभारी अंकुश भटनागर व प्रदेशाध्यक्ष रफीक खान ने मोदी सरकार पर झूठे वादे करने के आरोप लगाए, जिन संस्थानों के पास ढांचा तक नहीं था उन्हें वित्तीय लाभ दिया गया। देश की जनता के खातों में 15 लाख रुपये डालने के झूठे सपने दिखाए गए। युवाओं के हित को नजरअंदाज कर अपने चहेतों को लाभ दिया गया। प्रदर्शन में कई विद्यार्थी भी शामिल रहे।

वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री ने रेली को संबोधित करते हुए कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि 2019 के चुनाव के लिए जब में पूरे देश से आशीर्वाद लेने निकला हूं तो पहले दिन मुझे माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।’ उन्‍होंने कहा, ‘डोगरों की शौर्यगाथा और हम भाजपा के लोगों की रगों में दौड़ रही प्रेमनाथ डोगरा जी की त्याग और तपस्या हमें नई स्फूर्ति दे रही है। 11 अप्रैल को जब आप कमल के फूल के सामने वाले ईवीएम का बटन दबाएंगे, तो उसकी आवाज देश के भीतर जमे आतंकियों और उनके साथियों में तो खलबली मचाएगी ही और साथ में सीमा पार भी उसकी गूंज सुनाई देगी।’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि क्या ये वही कांग्रेस है, जिसमें रहकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद भारत की कल्पना की थी। सीमापार आतंक की फैक्ट्री चलाने वाले आज खौफ में हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि सीमा पार भारत को दहलाने के लिए आने वाले आतंकी भी आज 100 बार सोच रहे हैं। पूरा देश आज एक सुर और एक स्वर में बात कर रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेता दूसरे ही सुर अलाप रहे हैं। बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद कांग्रेस के नेता ऐसी बात कर रहे हैं, जो भारत के पक्ष में नहीं है। इतना ही नहीं, जम्मू कश्मीर के नेता भी ऐसी बात कर रहे जो गांव में रहने वाले लोगों को मंजूर नहीं है।’

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