rm

राजधानी दिल्ली में अखिल भारतीय संत समिति की ओर से आयोजित धर्मादेश सम्मेलन में साधु-संतों ने मोदी सरकार को आम चुनाव से पहले वह राम मंदिर का निर्माण करने का अल्टीमेटम दिया है। संतों के इस अल्टीमेटम को संत आचार्य मधुर ने राजनीति करार दिया।

अयोध्या के संत आचार्य मधुर का कहना है कि मंदिर निर्माण को लेकर संत समाज की ओर से ही राजनीति की जा रही है। बल्कि वे तो यह भी कहते हैं कि उनके समाज के जो संत दिल्ली में मंदिर निर्माण के लिए जमा हुए हैं वे मंदिर के बहाने एक पार्टी विशेष का प्रचार कर रहे हैं।

आचार्य का यह भी कहना है कि मंदिर के बहाने लोगों को गुमराह किया जा रहा है। दूसरे, किसी एक राजनीतिक पार्टी का प्रचार करने से न तो मंदिर बनने वाला और न ही भारतीय संस्कृति की रक्षा हो पाएगी।

उनका कहना है कि संतों को राजनीति नहीं करनी चाहिए और अगर करनी भी चाहिए तो किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि संस्कृति और संस्कार के लिए करनी चाहिए। जो लोग यहां मंदिर बनाने को लेकर ऊंची आवाज में बातें कर रहे हैं, उन्हीं के कारण मंदिर नहीं बन पाया है।

बता दें कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राम मंदिर के निर्माण को लेकर करीब तीन हजार साधु-संत धर्मादेश सम्मेलन में शामिल हुए।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें