Saturday, July 24, 2021

 

 

 

लोकसभा में किया गया तीन तलाक बिल पेश, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में तीन तलाक का बिल पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक का बिल पेश किया। इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल के कुछ प्रावधानों का विरोध किया है। थरूर ने कहा कि यह बिल सदन में पेश नहीं होना चाहिए। इसके जवाब में प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इस बिल के पक्ष में है और तीन तलाक को रोकना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि यह बिल देश हित में हैं और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए काफी अहम है। इसके बाद इसे पेश किया गया। लोकसभा स्पीकर ने विशेषाधिकार के नोटिस पर कहा कि इन नोटिस पर विचार किया जा रहा है लेकिन अभी किसी को मंजूरी नहीं दी गई है। इसके बाद कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित की गई।

वहीं, भाजपा सदस्य राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के आलोक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। भाजपा के अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को राफेल मामले में सदन में माफी मांगनी चाहिए। भाजपा सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर अपने हाथों में पोस्टर लहरा रहे थे जिस पर लिखा था कि राफेल पर झूठ को लेकर राहुल गांधी माफी मांगें। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।

संसद के शीतकालीन सत्र में उच्च सदन में लगातार हंगामा होने की वजह से अब तक एक बार भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाये हैं। आज भी यही स्थिति रही। बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आए गजा चक्रवात और तितली चक्रवात की वजह से हुई तबाही पर चर्चा के लिए उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत दिए गए नोटिस स्वीकार कर लिए हैं।

नायडू ने यह भी बताया कि उन्होंने महंगाई पर चर्चा के लिए सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा दिया गया नोटिस और अन्न संकट पर चर्चा के लिए तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन तथा सपा के रामगोपाल यादव का नोटिस भी स्वीकार कर लिया है। उनकी बात पूरी भी नहीं हो पाई थी कि अन्नाद्रमुक एवं द्रमुक के सदस्य तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद के स्थायी समाधान की मांग करते हुए आसन के समक्ष आ गए। उनके हाथों में अपनी मांग के समर्थन में तल्खियां थीं।

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्होंने राफेल विमान सौदे पर उच्चतम न्यायालय को कथित तौर पर गुमराह किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। नायडू ने आजाद से कहा कि उन्हें उनका नोटिस तो मिला है लेकिन यह मुद्दा फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।

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