Thursday, January 27, 2022

वर्तमान भारत नाजी जर्मन का ही स्वरूप: अरुंधति रॉय

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लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने वर्तमान भारत की तुलना नाजी जर्मन से करते हुए कहा कि आज के भारत का स्वरूप नाजी जर्मन की तरह है।

सातवें कोलकाता लोक फिल्म महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को अपने संबोधन में रॉय ने कहा, संशोधित नागरिकता कानून आर्थिक रूप से वंचित और हाशिये के मुस्लिमों, दलितों और महिलाओं को काफी प्रभावित करेगा। हालांकि रॉय ने ये भी कहा, ‘इस्लामोफोबिया को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा था।’

मैन बुकर पुरस्कार विजेता ने कहा, ‘राजनीतिक संबोधन अब बहुत खराब हो गया है. यह सांप्रदायिक नफरत फैलाने जैसा है। यह इस रूप में भी छलावा है कि एनआरसी और सीएए के सही उद्देश्य को छिपाया गया है।’  उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भारत नाजी जर्मन का ही स्वरूप है।

शाहीन बाग, पार्क सर्कस और अन्यत्र चल रहे धरनों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम महिलाएं अपनी आवाज उठाने के लिए बाहर निकल रही हैं और यह बड़ी बात है। उन्होंने कहा, ‘यह दिखाता है कि किस तरह मुस्लिम आवाज उठा सकते हैं, अभी तक उन्हें राजनीतिक क्षेत्र से बाहर रखा गया…पहले जिन लोगों को बोलने का मौका मिलता था वे मौलाना की तरह के लोग होते थे।’

रॉय ने कहा, ‘अब हर तरह की आवाज उठ रही है… जिसमें हर तरह की मुस्लिम आवाज शामिल है। उन्होंने ये भी कहा कि दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा संचालित ‘‘विशिष्ट शिविरों या स्कूलों” में बच्चों का नामांकन कराके उनके दिमाग में ‘घुसपैठ’ की गई है।

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