जामिया हिं’सा पर बोली मोदी सरकार – फिलहाल जांच जारी, कुछ भी कहना होगा जल्दबाजी

सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इसलामिया में हुई हिं’सा को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा कि हिंसा को लेकर जांच जारी है और इसके जिम्मेदार लोगों के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगा।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में कोई सूचना प्रकट नहीं कर सकती क्योंकि मामले की जांच जारी है। इससे पहले उनसे यह पूरक प्रश्न पूछा गया था कि क्या सरकार जामिया हिंसा में पुलिस की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच गठित करेगी और क्या उनसे नुकसान की भरपाई करेगी।

निशंक ने कहा, ‘‘जब इस प्रकार की घटनाएं होती हैं तो कई तथ्य और सबूत होते हैं। अभी यह बताना जल्दबाजी होगा कि कौन जिम्मेदार है। गृह मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’’ उनसे एक प्रश्न यह भी पूछा गया कि क्या सरकार उन वीडियो को साक्ष्य के तौर पर लेगी जिनमें तोड़फोड़ में कथित रूप से दिल्ली पुलिस का हाथ है।

निशंक ने कहा, ‘‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह मामला जांच के अधीन है, अदालत में विचाराधीन है। बहरहाल, वायरल किए जा रहे विभिन्न वीडियो को लेकर सवाल और संदेह उठाये जा रहे हैं। ’’विश्वविद्यालय को हुए नुकसान की केन्द्र द्वारा भरपाई किए जाने की संभावना से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा, ‘‘सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को यूजीसी के जरिये केन्द्र पूरी तरह से वित्त पोषण करता है। धन की जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय यूजीसी से संपर्क कर सकते हैं।’’

निशंक ने कहा कि जामिया मिल्लिया ने 15 दिसंबर 2019 को परिसर में संपत्ति को क्षति पहुंचने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय को मरम्मत के बाद 11 मार्च को छात्रों के लिए खोल दिया गया।

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