नई दिल्ली | डॉ कफील अहमद, जो कल तक पुरे भारत में एक हीरो की तरह देखा जा रहा था, अचानक से एक खलनायक बना दिया गया. खासकर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ जैसे एक मुहीम छेड़ दी गयी हो. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 70 बच्चो की मौत के बाद कथित राष्ट्रवादी सरकार सवालो के घेरे में थी , ऐसे में किसी मुस्लिम का हीरो बन जाना कुछ साम्प्रदायिक ताकतों के बिलकुल गले नही उतरा. इसलिए एक प्रोपेगंडा के तहत डॉ कफील को बदनाम करने की कोशिश की जाने लगी.

यहाँ तक की डॉ कफील पर अपने निजी क्लिनिक के लिए ऑक्सीजन चुराने और बलात्कार करने तक का आरोप लगा दिया गया. हालाँकि अस्पताल में अपने बच्चो का इलाज कराने आये परिजनों ने बताया की डॉ कफील ने बच्चो की जान बचाने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया. उन्होने अपने पैसो से निजी अस्पताल से ऑक्सीजन मंगाकर बच्चो को बचाने का प्रयास किया. लेकिन जैसे ही रविवार को मुख्यमंत्री योगी अदियनाथ अस्पताल का दौरा करते है उसके कुछ ही देर बाद डॉ कफील को पदमुक्त कर दिया गया.

डॉ कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग के नोडल ऑफिसर के रूप में काम कर रहे थे. योगी सरकार के इस फैसले पर पुरे देश से कड़ी प्रतिक्रिया आई. इनमे मशहूर पत्रकार बरखा दत्त भी शामिल है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा की डॉ कफील एक देशभक्त, एक अच्छे इंसान और असली हीरो है. डॉ कफील के पक्ष में लिखा गया यह ट्वीट बीजेपी महिला मोर्चा की नेता गीता कपूर को पसंद नही आया.

गीता ने बरखा दत्त को जवाब देते हुए ट्वीट किया ,’मैंने सुना है वो बलात्कारी है?’ थोड़ी देर में बीजेपी सांसद और अभिनेता परेश रावल भी इस युद्ध में कूद पड़े. उन्होंने गीता के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए बरखा दत्त पर निशाना साधा. उन्होंने डॉ कफील को बलात्कारी कहने का समर्थन करते हुए लिखा,’ हाँ, ये खोखला करने वालों कुछ दीमकों को एक हीरो लग रहा है.’ हालाँकि बरखा ने इस पर अपनी कोई भी प्रतिक्रिया जाहिर नही की.

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