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लखनऊ । फ़सलो का सही दाम न मिलने की वजह से पूरा देश का किसान परेशान है। ख़ासकर आलू किसान की हालत सबसे ज़्यादा ख़राब है। जहाँ बाज़ार में आलू की क़ीमत 10 रुपय किलो से भी ज़्यादा चल रही है वही किसानो को 4 रुपय किलो भी दाम नही मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में तो आलू की क़ीमत 20 पैसे प्रति किलो तक गिर चुकी है जिससे आलू किसानो में सरकार के प्रति काफ़ी ग़ुस्सा है।

फ़िलहाल आलू किसानो के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी कुछ करती नज़र नही आ रही है। चुनावों के समय भाजपा ने किसानो से वादा किया था की वो उनकी फ़सलो का वाजिब दाम देंगे। लेकिन सत्ता मिलते ही सब वादे हवाई हो गए। इसलिए योगी सरकार को उनके वादे याद दिलाने के लिए आलू किसानो ने शुक्रवार को प्रदेश की राजधानी में प्रदर्शन किया।

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किसानो ने अपना विरोध जताने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के सामने आलू फेंक दिए। इसके अलावा राजभवन के सामने भी आलू फेंके गये। दोनो ही जगह सड़क पर केवल आलू ही आलू दिखायी दे रहे थे। हैरान कर देने वाली बात यह है की जिस समय किसान सड़कों पर आलू फेंक रहे थे उस समय प्रशासन और पुलिस कुंभकर्णी नींद सोया हुआ था। जब अधिकारियों को सुबह यह बात पता चली तो उनमें हड़कम्प मच गया।

यहाँ तक कि कार्यवाही के डर से कई अधिकारी ख़ुद सड़क से आलू हटाते दिखे। फ़िलहाल सड़क पर पड़े आलुओं को हटाया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की आख़िरकार कृषि प्रधान देश में किसानो के हालत कब सुधरेंगे? चुनाव के समय सब राजनीतिक दलो को किसानो की याद आती है लेकिन चुनावों के बाद इन लोगों की आवाज़ उठाने वाला कोई नही।

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