अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर पर निर्माण के लिए लगाए गए मुस्लिम समर्थन के पोस्टर्स फर्जी निकले हैं. इस मामलें में पुलिस में शिकायत दर्ज की गई हैं.

शुक्रवार को इस मुद्दें पर सुप्रीम में सुनवाई से पहले राज्य के कई हिस्सों में राम मंदिर निर्माण के पोस्टर्स लगाकर मुस्लिम समुदाय की और से समर्थन दिखाया गया था. इस पोस्टर्स में पुणे के मौलाना की भी तस्वीर थी. मौलाना का कहना है कि उनकी तस्वीर बिना अनुमति लिए ही छाप दी गई.

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गुरवार के रहने वाले मौलाना शाबीह अहसान काज़मी ने ”जब मुझे पता चला कि पोस्टर में मेरी तस्वीर है तो मैं परेशान हो गया. मुझसे बिना पूछे ही मेरी तस्वीर और नाम का इस्तेमाल किया गया. मैं इन लोगों को जानता तक नहीं हूं. इन्होंने अपने फ़ायदे के लिए ऐसा किया है. मामला जब कोर्ट में है इस मुद्दे पर कुछ कहने वाला मैं कौन होता हूं.”

काज़मी के अनुसार, ‘जबसे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं उसके बाद से मुझे कई लोगों के मेसेज और फोन कॉल आ रहे हैं. मैं यहां पुणे में हूं और इस पूरे मुद्दे से भली प्रकार परिचित हूं. बावजूद इसके कुछ नफरत भरे मेसेज भेजे जा रहे हैं. कुछ लोग समर्थन में भी मेसेज कर रहे हैं. हकीकत यह है कि मैं इन पोस्टरों से किसी भी प्रकार से जुड़ा हुआ नहीं हूं.’

पुणे मिरर से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित है और इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के लिए कहा गया है. हम सबको कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.’उन्होंने कहा, ‘कुछ असामाजिक तत्व सामाजिक सद्भाव के माहौल को बिगाड़ने के लिए विवादित मुद्दे पर मेरी तस्वीरों का प्रयोग कर रहे हैं. मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि इस प्रकार के भ्रामक प्रचारों से जितना हो सके दूर रहें.’

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