विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर शाम के बाद जायरीनों की एंट्री बंद कर देने को लेकर देश भर के मुहिब्बाने गरीब नवाज में जमकर गुस्सा हैं. दरगाह कमेटी के इस फैसले को लेकर आल इंडिया उलेमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यछ मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी हैं.

उन्होंने इस फैसले को हज़रत खुवाजा गरीब नवाज़ के मेहमानों के साथ खुला आतंकवाद करार दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी ग़रीब नवाज़ कि शिक्षा का पालन करने वाला नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलेमा व मशाइख बोर्ड पहले भी भारत सरकार को आगाह करता रहा है कि सूफियों कि दरगाहों पर वक्फ बोर्ड द्वारा शिद्दत पसंद लोग काबिज हो रहे हैं और वह लोग सूफियों की तालीमात के खिलाफ काम कर रहे हैं, इस लिए ऐसे लोगों को तत्काल उनके पद से हटाया जाए.

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उन्होंने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि दरगाह नाजिम को पद से हटाया जाए और इसके लिए जो भी कार्यवाही हो सरकार करे और दूसरे भी दरगाहों में जहां इस सोच के लोग काबिज हुए हैं उन्हें बाहर कर दिया जाए ताकि हिंसा ना फैला सकें.

गौरतलब रहें कि दरगाह नाजिम ने आस्ताना शरीफ मामूल होने के एक घंटे के बाद शाम को जायरीनों को बाहर निकालकर दरगाह बंद करने के आदेश जारी किए हैं.

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