Wednesday, December 1, 2021

किसी भी दूसरे देश के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित भारत में अल्पसंख्यक: नकवी

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दिल्ली के आर्चबिशप अनिल क्यूटो और कैथोलिक बिशप्स के कांफ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) के अध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल ग्रेसियस की टिप्पणी के बाद एक बार फिर से देश में अल्पसंख्कों की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई है.

ऐसे में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरूवार को कहा कि धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता भारत के डीएनए में है. अल्पसंख्यकों को भारत में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में ज्यादा संवैधानिक एवं धार्मिक सुरक्षा प्राप्त है.

ईसाई समुदाय से जुड़े संगठन ‘डायोसिस ऑफ डेल्ही-चर्च ऑफ नार्थ इंडिया’ के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद नकवी ने कहा, कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बिना किसी भेदभाव के “सबका साथ, सबका विकास” और “सम्मान के साथ सशक्तिकरण” के संकल्प को पूरा करने के लिए ईमानदारी के साथ काम कर रही है.

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केन्द्रीय मंत्री नकवी ने कहा वर्तमान बीजेपी सरकार सभी संवैधानिक संस्थाओं, लोकतान्त्रिक मूल्यों, धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा हमें उन ताकतों से होशियार रहना होगा जो राजनीतिक पूर्वाग्रह एवं निहित स्वार्थ के लिए प्रगति एवं विकास के सकारात्मक माहौल को खराब करना चाहती हैं.

बता दे कि कार्डिनल ओसवाल ग्रेसियस ने बुधवार को कहा था कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए ठोस सुरक्षात्मक उपाय नहीं कर रही. जिससे मन में आशंकाएं बढ़तीं जा रहीं हैं. उन्होंने कहा था कि यह कहना अतिशयोक्ति होगा कि देश भर में चर्चों पर हमले की घटनाएं हो रहीं हैं.

वहीँ आर्कबिशप अनिल काउटो ने अपने पत्र में कहा था कि ‘मौजूदा अशांत राजनीतिक मौहाल संविधान में निहित हमारे लोकतांत्रित सिद्धांतों और हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए खतरा बन गया है.’ उन्होंने 2019 के आम चुनावों के मद्देनजर ‘‘प्रार्थना अभियान’’ चलाने की अपील की थी.

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