नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में एशियाई खेलों के दो बार के स्वर्ण पदक विजेता पूर्व पहलवान करतार सिंह की अगुआई में कई पंजाबी खिलाड़ियों ने अपने ‘35 राष्ट्रीय खेल पुरस्कार’ लौटाने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया। लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।

करतार सिंह ने कहा कि “पंजाब के 30 खिलाड़ी और कुछ और लोग अपने अवॉर्ड्स लौटाना चाहते हैं।” उन्होने कहा,पंजाब के खिलाड़ियों ने किसानी करके ही देश को पदक दिलाए हैं। अब उनका फर्ज है कि किसानों के लिए वह अपने अवॉर्ड को लौटा दें। अवॉर्ड देने वालों में द्रोणाचार्य अवॉर्डी बाक्सिंग कोच जीए संधू, अर्जुन अवार्डी जयपाल सिंह, हॉकी खिलाड़ी अजीत सिंह, शॉट पुटर बलविंदर सिंह भी शामिल हैं।

करतार ने कहा, ‘‘किसानों ने हमेशा हमारा साथ दिया है। हमें उस समय बुरा लगता है जब हमारे किसान भाईयों पर लाठीचार्ज किया जाता है, सड़कें बंद कर दी जाती हैं। किसान अपने अधिकारों के लिए कड़कड़ाती सर्दी में सड़कों पर बैठे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसान का बेटा हूं और पुलिस महानिरीक्षक होने के बावजूद अब भी खेती करता हूं।’’ रविवार को दिल्ली पहुंचे खिलाड़ियों ने प्रेस क्लब आफ इंडिया से अपना मार्च शुरू किया लेकिन उन्हें पुलिस ने कृषि भवन के पास रोककर वापस भेज दिया।

करतार ने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इस क्रूर कानून को वापस लें। पूरा देश जब कोरोना के डर से सहमा हुआ है तब उन्होंने दोनों सदनों में यह विधेयक पारित करा लिया और राष्ट्रपति से स्वीकृति ले ली।’’ उन्होंने पूछा, ‘‘मैं सहमत हूं कि कृषि कानूनों में बदलाव की जरूरत है लेकिन जब हमारे बच्चे खुश नहीं हैं तो सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि उन्हें खुशी दें… आखिर क्यों ये सरकार किसानों पर जबरन विवादास्पद कानून को स्वीकार करने पर जोर दे रही है?’’

इंदिरापुरम (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले द्रोणाचार्य अवॉर्डी वेटलिफ्टिंग कोच पाल सिंह संधू भी किसानों के समर्थन में अपना अवॉर्ड लौटाएंगे। वह 1996 में मिला द्रोणाचार्य अवॉर्ड और विशिष्ट सेवा मेडल किसानों के लिए वापस करने जा रहे हैं। वह किसानों के साथ हैं। उनकी जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं। वह अपना अवॉर्ड वापस कर किसानों की आवाज को बुलंद करेंगे।