नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर राज्य असम में स्थिति बिगड़ती जा रही है। बिल के खिलाफ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लालुंगगांव में गोलियां चलाई। इसमें कुछ लोग कथित तौर पर घायल हो गए।

डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने बीबीसी को बताया कि पुलिस को इसलिए फ़ायरिंग करनी पड़ी, क्योंकि प्रदर्शनकारी काफ़ी उग्र हो गए थे और पुलिस पर हमला कर रहे हैं।  बीबीसी ने स्थानीय पत्रकार अलख निरंजन सहाय के हवाले से कहा कि फ़ायरिंग में कुछ लोगों को गोलियाँ लगी हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कम से कम चार लोग घायल हुए हैं।

त्रिपुरा में प्रदर्शन के दौरान 2 लोगों की मौत, कई घायल

त्रिपुरा में भी हालात बेकाबू हैं। सड़क, रेल सेवाओं पर असर पड़ा है और लगातार आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। पिछले 24 घंटों में प्रदर्शन के दौरान यहां 2 लोगों की मौत हो गई, 11 लोग घायल हैं।

भाजपा नेता के घर पर तोड़फोड़ और आगजनी

डिब्रूगढ़ (असम) के केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद, रामेश्वर तेली ने कहा कि कल रात लगभग 11 बजे मेरे चाचा की दुकान में आग लगा दी गई और मेरे घर की बाउंड्री वॉल को भी प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया,  मैं असम के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

तेली ने कहा, “मैं एक आसामी हूं, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे असम के लोगों को ठेस पहुंचे। मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि Citizenship Amendment Bill 2019 जो पारित किया गया है वह असम की संस्कृति और भाषा को प्रभावित नहीं करेगा।”

पीएम मोदी ने कही ये बात:

पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को असम के लोगों को अश्वस्त किया कि उन्हें नागरिकता (संशोधन) विधेयक के संसद में पारित होने से चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और काई उनके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता। पीएम ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई आपके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता है। यह आगे बढ़ता और फलता-फूलता रहेगा।’’

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