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खंडवा | दिवाली की रात भोपाल सेंट्रल जेल से फरार सिमी के 8 सदस्यों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद , पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी पर कई गंभीर सवाल उठ रहे है. इस मामले में रोज नए नए खुलासे हो रहे है. एक नए खुलासे में मारे गए दो कैदियों के रिश्तेदारों ने , पुलिस पर आरोप लगाया है की वो उनको किसी अनजान जगह पर उठा ले गए थे. उधर सिमी सदस्यों के वकील ने भी पुलिस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने का आरोप लगाया.

मंगलवार की रात को मारे गए 8 कैदियों में से 5 कैदियों का अंतिम संस्कार खंडवा में किया गया. इनमे से दो कैदियों का नाम था अकील खिलजी और अमजद खान. अकील के बेटे 22 वर्षीय मोहम्मद जलील ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस पर आरोप लगाया की एनकाउंटर वाली सुबह के 4.30 बजे , घर पर सादी वर्दी में कुछ लोग घर पर आये और मुझे साथ चलने को कहा.

जलील के मुताबिक वो एटीएस के लोग हो सकते है. इसके बाद उन लोगो ने मेरी आँखों पर पट्टी बंधी और मेरे हाथ पैर बाँध दिए. वो मुझे किसी अज्ञात जगह पर ले गए. उन्होंने मुझे नही बताया की मुझे हिरासत में क्यों लिया गया है. करीब 10 घंटे घुमाने के बाद उन्होंने मुझे बताया की मेरे पिताजी का एनकाउंटर हो गया है. इसके बाद उन्होंने मुझे छोड़ दिया. वो बार बार मुझसे एक ही सवाल कर रहे थे की  ‘एक बारी उसको यूज करना, उसको फेंक देना, और डरना मत’ इसका मतलब क्या है.

जलील के अनुसार उन्होंने उसे अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की वजह से छोड़ दिया. उधर अमजद खान के साले ने भी कुछ यही कहानी बताई है. अमजद खान के सेल महमूद फिरोज के अनुसार उसको भी कुछ लोग हाथ पैर बांधकर और आँखों पर पट्टी बांधकर कही अज्ञात जगह पर ले गए. उन्होंने मुझसे कहा की तेरा अमजद के साथ लगाव था इसलिए तुझे गिरफ्तार किया गया. बाद में अमजद खान के अंतिम संस्कार होने की वजह से उन्होंने मुझे छोड़ दिया.




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