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देश मे अभी गौरक्षा, लव जिहाद, बच्चा चोरी आदि कारणों से की जा रही लोगों की पीट-पीट कर हत्या के मामलों का हवाला देते हुए गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक और पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी ने खुद के खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट को रद्द करने की मांग की है।

मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में बुधवार (27 जून) को चोकसी ने अपनी दलील मे कहा कि ‘भारत में मॉब लिंचिंग का दौर चल रहा है’ और यहां पर उसकी जान को खतरा है, इसलिए वह भारत नहीं आ सकता है।

चोकसी ने कहा, “बड़े सम्मान के साथ मुझे कहना है कि मॉब लिचिंग के कई केस रिपोर्ट किये गये हैं, एक केस तो उस मामले से जुड़ा था जिसमें जेल के अंदर उसकी हत्या कर दी गई थी, भीड़ द्वारा हत्या की हालिया घटनाएं बढ़ रही है, सड़क पर पब्लिक द्वारा इंसाफ देने की कोशिश की जा रही है।”

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चोकसी ने अदालत को पांच तरह के लोगो से जान का खतरा बताया है। जिनमे कंपनी के मौजूदा कर्मचारी, मकान मालिक,  जेल के कैदी, बकायेदार और परिवार वाले शामिल है। जिनका पैसा खातों को फ्रिज कर दिये जाने की वजह से नहीं चुकाया जा सका है।

चोकसी ने यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई की पहली प्राथमिकी के आधार पर उसकी संपत्तियों को कुर्क किया , जबकि उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं था। सुनवाई के बाद अदालत ने सीबीआई से इसपर अपना जवाब देने को कहा। इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 जुलाई तय की गई है।

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