पीएनबी के 14000 करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ मेहुल चोकसी भारत की पकड़ से दूर होता जा रहा है। वह अमेरिका से एंटीगुआ पहुंच गया है और वहां उसने नागरिकता हासिल कर ली है। चोकसी ने इसी महीने एंटीगुआ का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया है।

कैरिबियाई द्वीप देश एंटीगुआ इन्वेस्टमेंट पर नागरिकता प्रदान करता है। 1.3 करोड़ रुपए एंटीगुआ के नेशनल डेवलेपमेंट फंड में देने के बाद कोई भी व्यक्ति वहां का नागरिक बन सकता है।  एंटीगुआ के पासपोर्ट पर 132 देशों की यात्रा की जा सकती है।

इससे पहले मेहुल चोकसी ने सोमवार को विशेष कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को रद्द करने की अपील की थी। उसने दावा किया था कि अगर वह भारत लौटा तो भीड़ उसकी भी हत्या कर देगी।  चोकसी ने दावा किया था कि उसकी जान को न केवल पूर्व कर्मचारियों और कर्जदाताओं से खतरा है बल्कि उसे लौटने पर जहां रखा जाएगा, वहां के जेल स्टॉफ और कैदियों से भी खतरा है।

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गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और उसके भाई समेत तीन लोगों के खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस जारी हो गया है। लेकिन मेहुल चोकसी के खिलाफ अभी तक जारी नहीं हो सका है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके लिए इंटरपोल को सभी दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। विशेष जज एमएस आजमी ने प्रवर्तन निदेशालय को चोकसी की अर्जी पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

एक बार इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद उसके सदस्य किसी भी देश में चोकसी की गिरफ्तारी संभव हो सकेगी। लेकिन एंटीगुआ के साथ भारत के प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण वहां से उसे लाना आसान नहीं होगा।