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रोहतक । मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी हरियाणा के दौरे पर थे। यहाँ उन्होंने दीन बंधु सर छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण किया। लेकिन इस दौरे के साथ एक विवाद भी जुड़ गया। हरियाणा के रोहतक में बनी इस प्रतिमा के अनावरण के समय प्रधानमंत्री कार्यालय की और से किया गया ट्वीट भाजपा के गले की फाँस बन गया। विवाद बढ़ने पर पीएमओ ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। वही इसका श्रेय लेने के लिए दो पार्टियों के नेता सामने आ गये।

दरअसल रोहतक में जिस समय प्रधानमंत्री मोदी छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण कर रहे थे उस समय पीएमओ ने एक ट्वीट किया जिसमें छोटूराम को जाटों का मसीहा बताया गया। ट्वीट में लिखा गया,’ ये मेरा सौभाग्य है की मुझे किसानो की आवाज़, जाटों के मसीहा, रहबर-ए-आज़म, दिनबंधु चौधरी छोटूराम की इतनी भव्य और विशाल प्रतिमा का अनावरण करने अवसर मिला।’

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छोटूराम को एक जाति विशेष से जोड़ने पर आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रभारी नवीन जयहिंद ने भाजपा पर समाज में जातिवाद का ज़हर घोलने का आरोप लगाया। इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की पीएमओ के इस ट्वीट पर नज़र पड़ी। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपने सर छोटूराम को जाति के बंधन में बाँधने की कोशिश की है। यह आपकी संकीर्ण वोट बैंक राजनीति का जीता जागता सबूत है।

मामला बढ़ता देख भाजपा ने अपनी सफ़ाई दी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि यह ट्वीट ग़लती से हो गया था। छोटूराम जाट समाज में जन्मे थे, लेकिन उन्होंने हर वर्ग और किसानों के लिए काम किया है। इसके बाद बुधवार सुबह को पीएमओ ने इस ट्वीट को हटा लिया। लेकिन विवाद तब भी नही थमा। कांग्रेस और आप नेताओ के बीच इसका श्रेय लेने की होड़ मच गयी। सुरजेवाला ने कहा की उनके दबाव की वजह से यह ट्वीट वापिस लिया गया। लेकिन आप नेता नवीन जयहिंद ने कहा की उन्होंने यह मुद्दा सबसे पहले  उठाया।

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