हाल ही में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज से तोहफे में मिली गाय को वापस लोटा दिया हैं. आजम खान ने ये फैसला अलवर में कथित गौरक्षा के नाम पर हुई पहलू खान की हत्या के बाद लिया हैं.

गौरक्षकों के बारें में गोवर्धनपुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज का कहना है कि क़ानून अपने हाथ में लेने वाले कथित गोरक्षकों को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहल करनी चाहिए. शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने बीबीसी से कहा, “भारत के प्रधानमंत्री ऐसे गोभक्तों के बारे में कुछ दिन पहले अपना बयान स्पष्ट कर चुके हैं. इससे ज़ाहिर है कि सारी जानकारियां प्रधानमंत्री जी को भी हैं. वो स्वत: इस पर निर्णय लें कि जिन कारणों से समाज का वातावरण और क़ानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है, उसे किस तरह सुधारना है.”

शंकराचार्य ने आज़म खान ने गाय लौटाने के बारें में कहा कि “उन्होंने हमें एक दो पन्ने का पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि आपकी ओर से दी गई गाय मुझे मजबूरी में वापस करनी पड़ रही है. राजस्थान में गाय ले जाने वाले मुसलमानों को कुछ कथित गोरक्षकों की ओर से नुक़सान पहुंचाया गया, उसे लेकर पत्र में उन्होंने चिंता दर्शायी है और भय भी दर्शाया है.”

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हालांकि, शंकराचार्य कहते हैं कि वो आज़म ख़ान के गाय लौटाने के फ़ैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, “मैं ये ज़रूर चाहूंगा कि देश में अमन-शांति बनी रहे. सांप्रदायिक सद्भाव कायम रहे. एक दूसरे के जो आस्था केंद्र हैं उनका सम्मान सब लोग करें.”

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