नई दिल्ली | उत्तर और पूर्वी भारत करीब चार राज्य बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. खासकर बिहार में बढ़ ने अपना कहर मचाया हुआ है. यहाँ अब तक 117 लोगो की मौत हो चुकी है. चारो राज्यों में करीब 1 करोड़ 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है. कुछ ऐसा ही हाल हमारे पडोसी देशो का भी है. बांग्लादेश और नेपाल में बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है. दोनों ही जगह पर 60 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित है.

खासकर नेपाल में हालात और भी बदतर हो चुके है. इंटरनेशनल फेडरेशन आफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) ने शुक्रवार को बताया की नेपाल में बाढ़ की वजह से कई इलाके बाहरी दुनिया से कट गए है. बाढ़ की वजह से हुए भूस्खलन की वजह से कई गाँव और शहरो में खाने की किल्लत हो गयी है, नेपाल में बाढ़ की वजह से 128 जाने जा चुकी है जबकि 33 लोग अभी भी लापता है.

नेपाल में बाढ़ से आई भयंकर तबाही पर चिंता जताते हुआ प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की. इस बारे में ट्वीट कर जानकारी देते हुए मोदी ने बताया की उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से फ़ोन पर बात की. बाढ़ की वजह से गयी कई जानो पर मैंने गहरा दुःख व्यक्त किया. हालाँकि एक अच्छे पडोसी की तरह मोदी ने नेपाल में आई त्रासदी पर अपनी संवेदनाये व्यक्त की लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगो को यह बात नागवार गुजरी.

उन्होंने उलटे मोदी से सवाल पूछ लिया की आप नेपाल में बाढ़ की वजह से हुई मौतों पर दुःख व्यक्त कर सकते है. लेकिन बिहार और यूपी में आई बाढ़ के लिए आपने कुछ नही कहा. एक यूजर ने मोदी को सुझाव देते हुए कहा की एक बार नितीश कुमार से भी बात कर लीजिये. वहां भी बाढ़ से 117 लोग मौत के काल में समा चुके है. एक यूजर लिखता है की विदेशो में कोई भी हादसा होता है तो आप ट्वीट करते है लेकिन बिहार में बाढ़ की वजह से मर रहे लोगो के लिए आप कोई अफ़सोस जाहिर नही कर रहे.

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