जून 2014 में केंद्र मे सत्ता मे आने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक 84 देशों की यात्रा की है। इन यात्राओं पर उन्होने 1,484 करोड़ रुपये का खर्च किया। ये खर्च चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं को लेकर हुआ।

राज्यसभा में पेश हुए आकड़ों के अनुसार, 15 जून, 2014 और 10 जून, 2018 के बीच की अवधि के दौरान प्रधानमंत्री के विमान के रखरखाव पर 1088.42 करोड़ रुपये और चार्टर्ड उड़ानों पर 387.26 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हॉटलाइन पर कुल व्यय 9.12 करोड़ रुपये का हुआ।

वी के सिंह के अनुसार, प्रधान मंत्री ने 2015-16 में अधिकतम 24 देशों का दौरा किया और वर्ष 2017-18 में 19 तथा 2016-17 में 18 देशों का दौरा किया। वर्ष 2014-15 में, मोदी ने 13 देशों का दौरा किया जिसमें प्रधानमंत्री के बतौर जून 2014 में उन्होंने पहला दौरा भूटान का किया था। वर्ष 2018 में, उन्होंने 10 देशों का दौरा किया जिसमें उनका अंतिम दौरा पिछले महीने का चीन दौरा रहा।india's prime minister narendra modi speaks at the opening plenary during the world economic forum (wef) annual meeting in davos

वर्ष 2014-15 में विदेशी गंतव्यों के लिए चार्टर्ड उड़ानों की लागत 93.76 करोड़ रुपये थी जबकि वर्ष 2015-16 में यह लागत 117 करोड़ रुपये थी। 2016-17 में, लागत 76.27 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2017-18 में , चार्टर्ड उड़ान पर खर्च 99.32 करोड़ रुपये था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, विकास भागीदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन देशों के साथ परस्पर सूझबूझ बढ़ाना है। इन यात्राओं से इस अवधि के दौरान राजनयिक पहुंच में इजाफा हुआ है।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano