modi bha

modi bha

देश के इतिहास में पहली बार देश के शीर्ष संवेधानिक पद पर आसीन शख्स चुनाव जीतने के लिए संविधान की न केवल धज्जियाँ उड़ा रहा है बल्कि देश के लोगों को धर्म के आधार पर भी बांटने की कोशिश कर रहा है.

मामला जुड़ा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से, जिन्होंने राम मंदिर मुद्दे को उठाते हुए वोटिंग एक दिन पहले सवाल कर रहे है कि तुम्हे मंदिर चाहिये या मस्जिद ? हालांकि उन्होंने ये सवाल कांग्रेस से किया है. प्रधानमंत्री के इस बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है.

आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम के बयान को चौंकाने वाला करार देते हुए कहा कि संविधान की शपथ लेने वाला प्रधानमंत्री सिर्फ मंदिर की बात कर रहा है, वह गंगा-जमुनी तहजीब की बात नहीं करता जहां एक साथ मंदिर, मस्जिद, चर्च हों. पीएम सिर्फ पूछ रहे हैं कि तुम्हें मंदिर चाहिए या मस्जिद.

उन्होने कहा, पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं या हिदुत्व के. उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव के लिए ऐसे विभाजनकारी बयान दे रहे हैं.

वहीँ नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, “महोदय 2014 में जिस विकास की बात की थी यदि वह किया होता तो आपको किसी से ऐसा सवाल ही नहीं पूछना पड़ता.”

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें