Wednesday, December 8, 2021

पीएम मोदी ने कहा – बचपन में मेरे भी थे मुस्लिम दोस्त, यूजर बोला – दंगों के बाद जिंदा बचे की नहीं?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए इसके पीछे मुंशी प्रेमचंद की लिखी कहानी ईदगाह को प्रेरणा स्त्रोत बताया था.

इस दौरान उन्‍होंने कहा, ‘ईदगाह में हामिद नाम के एक बच्‍चे का चरित्र था. वह मेले में मिठाई खरीद कर खाने के बजाय अपनी दादी के लिए चिमटा खरीद कर लाया था, ताकि इसकी मदद से उसकी दादी खाना पका सकें और उनका हाथ न जले. मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी मुझे आज भी प्रेरित करती है. मेेेेरा मानना है कि यदि एक हामिद ऐसा कुछ कर सकता है तो देश का प्रधानमंत्री ऐसा क्‍यों नहीं कर सकता?’

पीएम मोदी ने ट्वीट कर भी इसका जिक्र किया. उन्‍होंने लिखा, ‘मैं प्रेमचंद की कहानी ईदगाह को कभी नहीं भूल सकूंगा. यह कहानी हामिद नाम के बच्‍चे की है. ईदगाह बहुत ही भावुक कहानी है.’

कश्‍मीर के अनंतनाग जिले की महिलाओं से नमो ऐप के जरिये बातचीत में पीएम मोदी ने उनसे कहा, ‘बचपन में मेरे कई पड़ोसी मुसलमान थे. मेरे कई मुस्लिम दोस्‍त भी थे. मुझे याद है कि रमजान के दौरान खासकर महिलाएं बहुत जल्‍दी उठ जाती थीं, लेकिन उज्‍ज्‍वला योजना के अमल में आने से उसमें भी बदलाव आया होगा.’

इस बयान को लेकर पीएम मोदी से अतीक मलिक नाम के यूजर ने पूछा, ‘गुजरात दंगों के दौरान वे बचे की नहीं?’ एक अन्‍य शख्‍स ने ट्वीट किया, ‘सर हर कोई जानता है कि आप आज (28 मई) के मतदान (उपचुनाव) को प्रभावित करने के लिए सुबह से ही ट्वीट कर रहे हैं. आपका ये टोना-टोटका अब सबको पता चल चुका है.’ मोहम्‍मद जेहरुल इस्‍लाम ने लिखा, ‘सर पेट्रोल और डीजल के बारे में भी सोचिए.’

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