रवीश कुमार, वरिष्ट पत्रकार

नई दिल्ली | बिहार की मशहूर पटना यूनिवर्सिटी के 100 साल पुरे होने के उपलक्ष में शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भी हिस्सा लिया. इस दौरान वहां प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. समारोह में बोलते हुए मोदी ने पटना यूनिवर्सिटी की तारीफों के पुल बांधे. उन्होंने कहा की राज्यों के टॉप फाइव नौकरशाहों में अधिकांश बिहार के और इसी यूनिवर्सिटी के पूर्ववर्ती छात्र रहे हैं.

इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी के गौरवशाली अतीत और यहाँ के पठन पाठन की खूब तारीफ की. लेकिन मशहूर पत्रकार और एनडीटीवी के एंकर रविश कुमार की नजर में पटना यूनिवर्सिटी एक वाहिहात यूनिवर्सिटी है. एक फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा की जिस यूनिवर्सिटी ने हम जैसे लाखों नौजवानों को अगले तीस चालीस पचास साल के लिए दरबदर कर दिया, उस वाहियात पटना यूनिवर्सिटी का शताब्दी जश्न है.

रविश कुमार आगे लिखते है की समारोह के बहाने पचास लाख शामियाना कुर्सी पर ही उड़ गया होगा. कार्यक्रम को फ़ालतू बताते हुए रविश ने कहा की फालतू के कार्यक्रम पर पैसा फूंका गया है. अनावश्यक प्रवचन होगा. नैतिक शिक्षा होगी कि युवाओं का देश है. युवाओं को आगे ले जाना है. युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है. यूनिवर्सिटी ज्ञान का केंद्र है. ठीक से सोचेंगे तो मेरी बात समझ आएगी. कोई नोटिस नहीं कर रहा है.

रविश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यक्रम में बुलाने पर भी सवाल किया. उन्होंने लिखा की केवल नोटिस करने के लिए ही प्रधानमंत्री को बुलाया गया है. इस पोस्ट के साथ रविश ने एक तस्वीर भी पोस्ट की है. इसमें एक दीवार घडी दिखाई दे रही है. इस पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा की पटना यूनिवर्सिटी ने इस मौके पर जो दीवार घड़ी बनाई है, वो किसी भी नज़र से देखने में ख़राब है. उसका सौंदर्य बोध बता रहा है कि अगले पचास साल में भी यह यूनिवर्सिटी नहीं सुधरेगी.

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