लोकपाल को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदी देशभर में जाकर भाषण तो अच्छा देते हैं, लेकिन लोकपाल क्यों नहीं लाते हैं.

उन्होंने प्रधानमन्त्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि लोकपाल को लेकर उनकी सरकार में इच्छाशक्ति का अभाव है. उन्होंने कहा कि मैं तो कहता हूं कि लोक आयुक्त के लिए तो विरोधी पक्ष नेता की जरूरत नहीं है, लोकायुक्त तो हर राज्य को नियुक्त करना है.

अन्ना ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति बिना विरोधी पक्ष नेता की होती है, सीवीसी चीफ का चुनाव बिना विरोधी पक्ष नेता की होती है, तो लोकपाल कानून क्यों नहीं बन सकता है.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो बार कहने के बावजूद भी लोकपाल कानून लागू नहीं हो रहा है, इसका मतलब सरकार अहंकारी हो गया है. सरकार को लगता है कि हमारा क्या कोई बिगाड़ लेगा.

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