प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे है। करीब 56 साल बाद पहली बार देश का प्रधानमंत्री सीधे एमएमयू के कार्यक्रम को संबोधित कर रहा है। इससे पहले साल 1964 में तब के प्रधानमंत्री एएमयू गए थे और यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर AMU के छात्र ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में रिसर्च करें, जिनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इनमें 75 आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, 25 महिला स्वतंत्रता सेनानी के बारे में जानकारी इकट्ठा करें। पीएम मोदी ने साथ ही पुरानी पांडुलिपी को डिजिटल क्षेत्र के जरिए दुनिया के सामने लाने की कोशिश करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो देश का है, वो हर देशवासी है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ वक्त पहले AMU के एक पूर्व छात्र ने उनसे बात करते हुए बताया। कभी मुस्लिम बेटियों का स्कूल से ड्रॉप आउट रेट 70 फीसदी से अधिक था, कई दशकों से ऐसी ही स्थिति थी। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के बाद अब ये घटकर 30 फीसदी तक रह गया है।

पीएम मोदी बोले कि AMU में भी अब 35 फीसदी तक मुस्लिम बेटियां पढ़ रही हैं. इसकी फाउंडर चांसलर की जिम्मेदारी बेगम सुल्तान ने संभाली थी। पीएम मोदी बोले कि अगर महिला शिक्षित होती है, तो पूरी पीढ़ी शिक्षित हो जाती है। पीएम मोदी ने बताया कि आज हमारी सरकार ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की मदद करने का फैसला लिया।

पीएम मोदी ने कहा कि AMU में एक मिनी इंडिया है, यहां उर्दू-हिन्दी-अरबी-संस्कृत पढ़ाई जाती है। पीएम बोले कि यहां की लाइब्रेरी में कुरान है तो गीता-रामायण के अनुवाद भी हैं। AMU में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की अच्छी तस्वीर है। यहां पर इस्लाम को लेकर जो रिसर्च होती है, उससे भारत का इस्लामिक देशों से संबंध को नई उर्जा मिलती है।

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का निर्माण 1920 में कराया गया था। इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल है। इसके मुख्य संस्थापक सर सैयद अहमद खान थे।