पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की किताब ‘द प्रेसिडेंशियल इयर्स’ के बाद अब पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की किताब ‘बाय मैनी ए हैप्पी एक्सीटेंडः रीकलेक्शन्स ऑफ ए लाइफ’ चर्चा में है। जिसमे उन्होने दावा किया कि पीएम मोदी ने उनसे कहा था कि मुस्लिमों के लिए किए गए कार्यों का प्रचार उनकी राजनीति को सूट नहीं करता है।

2007 में मोदी के साथ एक मुलाकात का जिक्र करते हुए अंसारी ने लिखा, ‘जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम में उनसे मुलाकात हुई। मैंने उनसे गोधरा के बाद हुई हिंसा के बारे में पूछा कि ऐसा क्यों होने दिया गया? उन्होंने (पीएम मोदी) कहा कि लोग उनके केवल एक पहलू को देखते हैं, कोई भी मुस्लिमों के लिए किए गए अच्छे कामों की तरफ ध्यान नहीं देता। खासकर मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा के लिए उन्होंने बहुत काम किए हैं। मैंने कहा कि इसका ब्योरा दें तो प्रचार किया जाए। इसपर वह बोले- यह मेरी राजनीति को सूट नहीं करता।’

साथ ही हामिद अंसारी ने अपनी किताब में लिखा है कि पीएम मोदी राज्यसभा में शोर-शराबे के बीच बिल पास कराने के लिए भी दबाव बनाते थे। उन्होंने लिखा कि वह नहीं चाहते थे कि राज्यसभा में एक दिन में ही बिल पास हो जाए लेकिन बीजेपी के गठबंधन को लगता था कि अगर लोकसभा में उनका बहुमत है तो राज्यसभा में नैतिक अधिकार है कि बिना किसी बाधा के बिल पास हो जाए। उन्होंने कहा कि एक दिन अचानक पीएम मोदी राज्यसभा कार्यालय में पहुंच गए।

हामिद अंसारी ने लिखा, ‘मैं हैरान था लेकिन मैंने उनका स्वागत किया। उन्होंने (पीएम मोदी) कहा कि आपसे उच्च जिम्मेदारियों की अपेक्षा है लेकिन आप मेरी मदद नहीं कर रहे हैं। मैंने कहा कि राज्यसभा में और उसके बाहर मेरा काम सार्वजनिक है।

उन्होंने पूछा कि शोरगुल में विधेयक क्यों नहीं पास कराए जा रहे हैं? मैंने कहा कि सदन के नेता और उनके सहयोगी जब विपक्ष में थे तो उन्होंने इस नियम की सराहना की थी कि कोई भी विधेयक हंगामे में पारित नहीं कराया जाएगा और मंजूरी के लिए सामान्य कार्यवाही चलेगी।’

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