रेल मंत्री मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर दावा किया है कि  ‘इस्लामिक आतंकवाद’ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में आतंकी घटनाओं में मारे जाने वाले नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है.

गोयल ने ट्वीट कर कहा, ‘इस्लामिक आतंकवाद के विरुद्ध कठोर कार्यवाही से देश में आतंकी घटनाओं में मारे जाने वाले नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है, जहां UPA सरकार के शासनकाल में 750 नागरिक आतंकवाद का शिकार बनें, वहीं अब यह संख्या घटकर 4 रह गयी है।’

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गोयल ने एक पोस्टर ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। इस पोस्टर में उन्होंने लिखा कि मरने वालों की संख्या जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर-पूर्वी राज्यों को छोड़ कर शेष भारत के आंकड़े हैं। हालांकि इस ट्वीट के बाद उनसे भगवा और हिंदू आतंकवाद को लेकर सवाल किये गए.

वसीम त्यागी नामक यूजर ने लिखा, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने ‘इस्लामिक आतंकवाद’ पर रोक लगाई है मेरी आपत्ती सिर्फ ‘इस्लामिक’ शब्द है। क्या मंत्री महोदय गाय के नाम पर की जा रही हत्याओ को हिन्दु आतंकवाद कहने का माद्दा रखते है? या सारी बयानबहादुरी सिर्फ अल्पसंख्यको के लिये ही ?

आगे लिखा, मंदिर से ऐलान करके अखलाक की हत्या की जाती है, छाती ठोक कर आतंकवाद को इस्लामिक आतंकवाद कहने वाले पीयूष गोयल क्या इसको हिन्दू आतंकवाद कहने कहने का माद्दा रखते है? गाय के नाम पर तीन साल मे 56 लोगो की हत्या हुई क्या इसको हिन्दु आतंकवाद कहा जायेगा ? पीयूष गोयल जवाब दो. मोहम्मद अफराजुल को हिन्दु ‘बहनो’ का स्वंयघोषि ‘रक्षक’ शंभूलाल रेगर जिंदा जलाकर मार देता है ISIS के आतंकियो की तरह वह उसका वीडियो बनाता है,फिर भगवाधारी उस बर्बर हत्या के समर्थन मे रैली निकालते है, पुलिस को पीटते है, उसकी झाकी निकालते है क्या @PiyushGoyalइसको हिन्दू आतंकवाद कहेंगे?

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