चेन्नई | तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की मौत पर लगातार सवाल उठाये जा रहे है. ताजा घटनाक्रम में तमिलनाडू विधानसभा के पूर्व स्पीकर पी. एच. पांडियन ने दावा किया है की जयललिता को किसी ने धक्का दिया था जिसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया. पांडियन ने अपोलो हॉस्पिटल के ऊपर भी सवाल खड़े किये है. उनका कहना है की जयललिता के भर्ती होते ही अस्पताल प्रशासन ने वहां लगे CCTV कैमेरो को हटा लिया.

पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेलवम के घर पर हुई प्रेस कांफ्रेंस में पांडियन ने दावा किया की अम्मा को उनके घर पोएएस गार्डन पर किसी ने धक्का दिया जिसकी वजह से वो गिर गयी. इसके बाद उनके साथ क्या हुआ यह किसी को नही पता. किसी पुलिस अधिकारी ने एम्बुलेंस बुलाई और अम्मा को अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया. अस्पताल पहुँचते ही वहां लगे 27 CCTV कैमेरो को हटा लिया गया.

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पांडियन ने अस्पताल प्रशासन से सवाल किया की वो यह बताये की आखिर किसके कहने पर और क्यों CCTV कैमेरो को हटाया गया? पांडियन ने यह भी सवाल उठाया की आखिर क्यों जयललिता की सुरक्षा में लगे एसपीजी कमांडो को अस्पताल जाने की इजाजत क्यों नही थी? इसके अलावा जब अम्मा को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी तो उनके खाने की जांच भी एसपीजी एक्ट के अनुसार ही होनी थी , क्या यह जांच की गयी?

पांडियन ने जयललिता की मौत को गोपनीय रखने का आरोप लगाते हुए कहा की असल में अम्मा की मौत 4 दिसम्बर को शाम साढ़े चार बजे ही हो गयी थी लेकिन अस्पताल ने अगले दिन इसकी घोषणा की. इसके अलावा पांडियन ने यह भी बताया की जून 2015 में जयललिता को इलाज के लिए सिंगापूर भेजा जा रहा था लेकिन उनको नही जाने दिया गया.

जब पांडियन से यह पुछा गया की आखिर उनके पास ये सब सूचनाये कहाँ से आई तो उन्होंने कहा की हमारे कुछ सोर्स है जिनसे हमें सूचनाये मिली है. इसके अलावा मैं खुद जांच कर रहा है. वही अम्मा के इलाज में भी कई ऐसी चीजे निकल कर आई है जिनसे शक पैदा होता है.

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