Sunday, October 24, 2021

 

 

 

मथुरा-कृष्ण जन्मभूमि से जुड़ी याचिका हुई खारिज, शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की थी मांग

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मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के स्वामित्व को लेकर दाखिल किया गया सिविल मुकदमा बुधवार को मथुरा कोर्ट ने खारिज कर दिया। बता दें कि इस याचिका में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई थी।

इस दौरान वादी पक्ष के विष्णु जैन, हरीशंकर जैन और रंजन अगिनहोत्री ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने पक्ष की पूरी बात सुनी और सुनवाई पूरी होने के बाद अपने फैसले में वाद को खारिज़ कर दिया। कोर्ट ने श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका पर विचार करने से मना कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप ऐक्ट के तहत सभी धर्मस्थलों की स्थिति 15 अगस्त 1947 वाली रखी जानी है इस कानून में सिर्फ अयोध्या मामले को अपवाद रखा गया था। इस याचिका के जरिये 13.37 एकड़ की कृष्ण जन्मभूमि का स्वामित्व मांगा गया था।

दूसरी और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने 17वीं सदी की मस्जिद को हटाने के लिए कुछ लोगों द्वारा कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर उनकी आलोचना की। पुजारियों ने कहा कि ऐसे मुद्दे उठाकर कुछ लोग मथुरा के शांति-सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा कि 20वीं सदी में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मथुरा में मंदिर-मस्जिद का कोई विवाद नहीं है। ऐसे में कुछ बाहरी लोग मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दे उठाकर मथुरा की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के बीच सद्भाव है और अगल-बगल में धार्मिक स्थल का अस्तित्व भावनात्मक एकजुटता का उदाहरण है।

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