अयोध्या में राम जन्मभूमि के विवाद के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के स्वामित्व को लेकर मथुरा की कोर्ट में एक सिविल मुकदमा दायर किया गया है। जिसमे शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है।

दरअसल, इस याचिका के जरिये 13.37 एकड़ की कृष्ण जन्मभूमि का स्वामित्व मांगा गया है। जिस पर मुगल काल में कब्ज़ा कर शाही ईदगाह बनी हुई है। हालांकि, प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 इस में सबसे बड़ी बाधा है। इस ऐक्ट के मुताबिक, आजादी के दिन 15 अगस्त 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था, उसी का रहेगा। इस ऐक्ट के तहत सिर्फ रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छूट दी गई थी।

अभी कुछ दिन पहले प्रयागराज में अखाड़ा परिषद की बैठक में साधु-संत मथुरा कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर चर्चा की थी। इसमें संतों ने काशी-मथुरा के लिए लामबंदी शुरू करने की कोशि‍श की। जिसके बाद अब ये याचिका दाखिल की गई है।

दायर याचिका ‘भगवान श्रीकृष्ण विराजमान’ के नाम से दी गई है, जिसमें उनकी अंतरंग सखी के तौर पर अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और छह भक्त हैं। याचिका के मुताबिक, जहां पर शाही मस्जिद और ईदगाह हैं, वही असल कारागार है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।

पिछले साल 9 नवंबर को अयोध्या पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में काशी मथुरा समेत देश में नई मुकदमेबाजी के लिए दरवाजा बंद कर दिया था। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अदालतें ऐतिहासिक गलतियां नहीं सुधार सकतीं।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano