देश की सर्व्वोच अदालत द्वारा तलाक-ए-बिद्दत यानि एक साथ तीन तलाक देने पर रोक लगाने के फैसले के बाद इस सबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी अपनी मुहीम शुरू कर दी है.

बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया कि वह अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जमीन पर उतारने में मदद करेगा. इसके लिए उसने काजियों की मदद लेना शुरू कर दिया है.

बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया, काजियों और स्थानीय समूहों के स्तर पर लोगों को बताया जाएगा कि वे निकाह के समय ही स्पष्ट कर दें कि तलाक-ए-बिद्दत नहीं माना जाएगा.

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उन्होंने कहा, बोर्ड की यह पूरी कोशिश होगी कि लोगों को तलाक-ए-बिद्दत के लिए पूरी तरह हतोत्साहित किया जाए. बोर्ड की और से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी स्वागत किया गया.

गौरतलब रहे कि हाल ही में जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद इमाम बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड की तीखी आलोचना की थी.

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