केंद्र की मोदी कैबिनेट द्वारा ट्रिपल तलाक के खिलाफ शीतकालीन सत्र में कानून लाने को लेकर आल इंडिया  मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 17 दिसंबर को दिल्ली में एक बैठक बुलाई हैं.

इस बैठक में पर्सनल बोर्ड तय करेगा कि मोदी कैबिनेट द्वारा ट्रिपल तलाक पर कानून को लेकर अगला कदम क्या उठाया जाए. इस सबंध में मुस्लिम धर्मगुरू खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा है कि सरकार को धार्मिक मामलों पर कानून बनाने से बचना चाहिए.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि मोदी सरकार तीन तलाक पर जो बिल ला रही है. वह मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि एक तरह राजनीतिक स्टैंड है.

वली रहमानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर जो फैसला दिया था, उसमें कानून बनाने वाले मामले 7 जजों से पांच जज खिलाफ थे.इस तरह ये फैसला अल्पसंख्यक के हित में फैसला था. ऐसे में मोदी सरकार इस बिल के जरिए सियासत करना चाहते हैं.

ध्यान रहे मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट के ड्राफ्ट को आज कैबिनेट बैठक में रखा गया. जिसे मोदी सरकार ने मंज़ूरी दे दी. इस विधेयक के मसौदे में तीन तलाक़ गैरकानूनी करार दिया गया.

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