Bhagwat repeated, will have to build the temple

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉ़ मोहन भागवत ने गौरक्षकों पर निशाना साधते हुए कहा कि गाय के प्रति आस्था रखते हैं, वे गाय का पालन करते हैं. उनकी बहुत गहरी आस्था को चोट लगने के बावजूद वे हिंसा का मार्ग नहीं अपनाते हैं.

उन्होंने कहा कि गौ का संवर्धन हो, क्योंकि गाय हमारे लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी है. ध्यान रहे गौरक्षा के नाम पर देश भर में हिंसा हो रही है. जिसके चलते दर्जनों दलितों और मुस्लिमों को मौत के घाट उतारा गया है.  हिंसा करने वालो में अधिकतर लोगों का सबंध संघ परिवार से ही निकला है.

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ऐसे में अब दुनिया भर में हो रही किरकिरी से संघ को बचाने के लिए खुद मोहन भागवत आगे आए है. इस दौरान भागवत ने चीनी सामान का बहिष्कार व स्वदेशी के संबंध में भी अपनी राय जाहिर की.

उन्होंने कहा, अपने आसपास जो भी गृह उद्योग, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग से वस्तुएं बनती हैं, उनको उपयोग में लाना, यह स्वदेशी का मूल मंत्र है. भागवत ने कहा कि स्वदेशी से देश के बेराजगारों को रोजगार मिलता है.

भागवत ने कहा स्वदेशी केवल वस्तुओं तक नहीं अपितु मन में स्वदेश के गौरव का भाव प्रकट होना चाहिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान को आर्थिक दृष्टि से भी स्वावलंबी होना आवश्यक है. राष्ट्र को आर्थिक दृष्टि से स्वावलंबी करने का अर्थ स्वदेशी वस्तुओं तक सीमित नहीं है. स्वदेशी का भाव अपने जीवन में भारतीयता के आचरण से प्रकट हो.

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