पहलू खान केस में दो नाबालिग दोषियों को सुनाई 3-3 साल की सजा

कथित गौरक्षा के नाम पर राजस्थान के अलवर में पीट-पीट कर की गई पहलू खान की हत्या के मामले में शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड ने दो नाबालिग दोषियों को 3-3 साल की सजा सुनाई। दोनों बाल सुधार गृह में रहेंगे। बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट सरिता धाकड़ ने सजा सुनाई।

हरियाणा के नूह में रहने वाले 55 वर्षीय पहलू खान की 1 अप्रैल 2017 को लोगों ने गोहत्या के शक पर राजस्थान के बेहरोर में दिल्ली-अलवर हाईवे पर बेरहमी से पीटा था। पहलू खान की दो दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया था जिसमें तीन नाबालिग थे। इस मामले में अभी एक आरोपी का केस कोर्ट में चल रहा है।

नाबालिगों के परिजनों ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा वे इस मामले में ऊपरी कोर्ट में अपील करेंगे। एडवोकेट सिराज खान ने बताया की किशोर न्याय बोर्ड ने दोनों नाबालिगों को 3-3 साल की सजा सुनाई है। प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट सरिता धाकड़ ने फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को बाल सुधार गृह भेजने का आदेश दिए हैं।

पिछले साल 14 अक्तूबर को राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालत द्वारा छह आरोपियों की रिहाई को चुनौती दी थी। साथ ही पुलिस जांच में गड़बड़ियों का खुलासा करने के लिए एक एसआईटी गठित की थी।

बता दें कि इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई थी। एक एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर हमला करने वाली भीड़ को आरोपी बनाया गया है। वहीं, दूसरी एफआईआर पहलू खान और उसके परिवार के खिलाफ की गई है। इस एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर गो तस्करी का आरोप लगाया गया।

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