पटना | हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक आदेश को लेकर खूब हो हल्ला मचा था. ममता ने मोहर्रम के दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने पर रोक लगा दी थी. इसके लिए ममता ने दलील दी थी की मोहर्रम और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन एक ही दिन होने से प्रदेश के हालात बिगड़ सकते है. इसलिए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन मोहर्रम के अगले दिन से की जा सकेगी. फ़िलहाल यह मामला खूब सुर्खियों में है.

विपक्षी दलों खासकर बीजेपी का कहना है की ममता सरकार तुष्टिकरण की राजनीती कर रही है. वह मुस्लिमो को लुभाने के लिए हिन्दू त्योहारों पर रोक लगा रही है. हालाँकि ममता सरकार ने इस मामले को हिन्दू मुस्लिम के चश्मे से देखने से इनकार करते हुए कहा की यह केवल कानून व्यवस्था का मामला है. लेकिन अब बिहार में भी कुछ इसी तरह का आदेश दिया गया है. बताते चले की बिहार में फ़िलहाल बीजेपी और जदयु गठबंधन की सरकार है.

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दरअसल पटना के जिलाधिकारी ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर एक आदेश पारित किया है. जिस पर विपक्षी दल बीजेपी और जदयु को घेर सकती है. पटना के डीएम ने आदेश दिया है की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन , मोहर्रम से पहले ही पूरा कर लिया जाए. मोहर्रम के दिन इसकी इजाजत नही दी जाएगी. डीएम ने अपने आदेश में कहा है की 30 सितम्बर के दिन ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पूरा कर लिया जाए.

इसके अलावा डीएम ने सभी पूजा पंडालो में सीसीटीवी कैमरे भी लगाने का आदेश दिया है. हालाँकि यहाँ भी डीएम ने कानून व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है. बताते चले की 30 सितम्बर को दशहरा है और 1 सितम्बर को मोहर्रम. हिन्दू रीती रिवाजो के अनुसार दुर्गा पूजा खत्म होने के बाद दुर्गा प्रतिमा को विसर्जित करना पड़ता है. जो दशहरे के दिन से शुरू हो जाता है. इसलिए कुछ लोग मोहर्रम के दिन भी दुगा प्रतिमा का विसर्जन कर सकते है.  durga pratima immersion

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