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पिछले 14 दिनों से चल रहा यूपी का चर्चित पासपोर्ट विवाद तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी को क्लीन चिट मिलने के साथ खत्म होता दिख रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने नए नियमों के तहत दोनों को पासपोर्ट जारी कर दिये है।

पासपार्ट के लिए अप्लाई करने वाली तन्वी और अनस ने अपनी सारी जानकारी सही-सही भरी थी और पूरी प्रकिया भी दुरुस्त थी जिसके आधार पर उन्हें पासपोर्ट दिया गया।क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा के मुताबिक पुलिस के द्वारा तन्वी व अनस के पते का सत्यापन न होना कोई प्रतिकूल प्रकरण नहीं है।

वर्मा ने बताया कि पहली जून से लागू नियमों में अब आवेदक का उसी शहर में रहना अनिवार्य नहीं है। आवेदक अगर संबंधित पीएसके क्षेत्र का मूल निवासी है तो वह उसी पते से आवेदन कर सकता है।

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इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में छह अहम बिंदुओं में अगर आवेदक पर कोई आपराधिक केस नहीं है तो उसके बाहर रहने पर पासपोर्ट नहीं रोका जा सकता। इसी आधार पर तन्वी और अनस का पासपोर्ट क्लियर किया गया है। इसके साथ ही यह प्रकरण बंद कर दिया गया है।

पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तन्वी और अनस भारतीय नागरिक हैं और दोनों पर आपराधिक केस दर्ज नहीं है। दोनों लखनऊ और नोएडा में रह चुके हैं। ऐसे में पुलिस ने दोनों पते के खिलाफ जो प्रतिकूल रिपोर्ट फाइल की है उसके आधार पर पासपोर्ट निरस्त नहीं किया जा सकता। पियूष वर्मा ने बताया कि उनके आधार कार्ड और बैंक पासबुक को प्रमाण माना गया।

बता दें कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा पर लखनऊ की तनवी सेठ ने आरोप लगाए थे कि उन्होंने धर्म के नाम पर उनसे और उनके मुस्लिम पति अनस सिद्दिकी से बदसलूकी की थी और पासपोर्ट बनाने से मना कर दिया था। जिसके बाद उन्होने मामले की शिकायत विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी।

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