अहमदाबाद | परीक्षा शुरू होते ही पुरे घर में एक अलग ही माहौल बन जाता है. न केवल विधार्थी बल्कि परिजन भी इस दौरान काफी दबाव में रहते है. परिजनों को यह भी फ़िक्र लगी रहती है की कही परीक्षा के दबाव में उनका बच्चा टूट न जाए. उधर बच्चे को भी अपने माँ-बाप की अपेक्षाओ पर खरा उतरना है, इसलिए उस पर भी काफी दबाव रहता है. हम हर साल ऐसे वाकये सुनते है जहाँ बच्चे ने परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म न करने की वजह से जान दे दी.

लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में एक अलग ही घटना सामने आई है. यहाँ माँ-बाप ने इसलिए जान दे दी क्योकि वो चाहते थे की उनकी बेटी देर रात तक पढाई न करे जबकि बेटी ने उन दोनों की बात ठुकरा दी. बेटी के व्यवहार से दुखी माँ-बाप ने साबरमती में डूबकर अपनी जान दे दी. यह घटना अपने आप में इसलिए भी विचलित करती है क्योकि परीक्षा के दौरान अब माँ-बाप भी वो ही दबाव महसूस करने लगे है जो उनके बच्चे करते है.

इसलिए परिजन भी अब डिप्रेसन का शिकार होने लगे है. अहमदाबाद के रहने वाले चिमन फुलवानी सेंट्रल एक्साइज सूपेरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे. उनकी 17 वर्षीय बेटी की 12वी की परिक्षाए चल रही थी. गुरुवार को उनकी बेटी की परीक्षा थी इसलिए वो देर रात तक पढ़ती रही. चिमन और उनकी पत्नी लक्ष्मी ने बेटी से सो जाने के लिए कहा तो बेटी ने मना कर दिया.

इस दौरान माँ-बाप ने बेटी से पढाई की टाइमिंग बदलने के लिए भी कहा. इसी बात को लेकर रात के डेढ़ बजे दोनों में बहस हो गयी. बहस होने के बाद दोनों पति पत्नी रात के दो बजे घर से बाहर चले गए. जब वो सुबह तक लौट के नहीं आये तो उनके बड़े बेटे हरीश ने पुलिस को सूचना दी. तलाश में निकली पुलिस को सुबह साबरमती के नारायण घाट से दो लोगो के शव प्राप्त हुए.

ये दोनों शव चिमन और उनकी पत्नी के थे. इसकी सूचना उनके बेटे को दे दी गयी है. पुलिस के अनुसार भावुकता में आकर दोनों ने आत्महत्या की होगी. इसलिए हमने एक्सीडेंटल केस दर्ज कर लिया है.

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