चेन्नई | तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की सबसे करीबी और AIADMK की महासचिव शशिकला नटराजन , तमिलनाडु की अगली मुख्यमंत्री होंगी. रविवार को हुई बैठक में पार्टी के विधायको ने सर्वसम्मति से शशिकला को विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके कुछ देर बाद ही वर्तमान मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेलवम ने अपना इस्तीफा राज्यपाल विधासागर को भेज दिया.

पिछले 17 सालो में तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेलवम , हिन्दुस्तान के सबसे वफादार नेताओ में से एक माने जाते है. जयललिता के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले पन्नीरसेलवम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. उस समय जयललिता को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा था. करीब छह महीने बाद ही पन्नीरसेलवम ने इस्तीफा दे दिया और जयललिता ने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

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2014 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाए जाने के बाद जयललिता को एक बार फिर मुख्यमंत्री की गद्दी छोडनी पड़ी. उस समय भी पन्नीरसेलवम ने राज्य के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला. उस समय उन्होंने जयललिता की फोटो लेकर शपथ ली थी. सात महीने बाद जयललिता के बरी होने के बाद, पन्नीरसेलवम ने एक बार फिर , जयललिता के लिए अपना पद त्याग दिया.

दिसम्बर में जयललिता के निधन के बाद उन्होंने एक बार फिर सत्ता संभाली. लेकिन इस बार भी उनकी वफ़ादारी उनके आड़े आ गयी और शशिकला के लिए उन्होंने अपना पद त्याग दिया. हालाँकि इस बार उनके पद छोड़ने की उम्मीद कम थी लेकिन पार्टी में सत्ता के दो केंद्र बनने से रोकने के लिए उन्होंने आसानी से अपना पद छोड़ दिया. पन्नीरसेलवम की जनता के बीच अच्छी पकड़ थी. इसके अलावा उनके विरोधी भी उनका काफी सम्मान करते थे लेकिन अपनी पार्टी के अन्दर ही उनको विरोध का सामना करना पड़ा.

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